एशियन गेम्स 2026: मनु भाकर और पवन सहरावत ने थामा तिरंगा
5:38 PM, Sep 19, 2026
R Express भारत
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खेल जगत के सबसे बड़े महाकुंभ में से एक, 20वें एशियाई खेलों का शनिवार को जापान के आइची-नागोया में बेहद शानदार आगाज़ हो गया।

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जापान। खेल जगत के सबसे बड़े महाकुंभ में से एक, 20वें एशियाई खेलों का शनिवार को जापान के आइची-नागोया में बेहद शानदार आगाज़ हो गया। नागोया के मशहूर पालोमा मिजुहो स्टेडियम में आयोजित उद्घाटन समारोह में जब भारतीय एथलीटों का दल मार्च पास्ट के लिए मैदान पर उतरा, तो पूरा स्टेडियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इस बार भारतीय दल की अगुवाई दो दमदार खिलाड़ियों ने की—पेरिस ओलंपिक की डबल मेडल विनर निशानेबाज मनु भाकर और कबड्डी की दुनिया के 'हाई-फ्लायर' कहे जाने वाले स्टार खिलाड़ी पवन सहरावत।
ऐन वक्त पर क्यों बदला भारत का ध्वजवाहक?
उद्घाटन समारोह की परेड में मनु भाकर के साथ शॉटपुट (गोला फेंक) के दिग्गज खिलाड़ी तजिंदरपाल सिंह तूर को तिरंगा थामना था। खेल प्रेमियों को इसी जोड़ी का इंतज़ार था, लेकिन ऐन वक्त पर एक बड़ी गड़बड़ी सामने आ गई। तजिंदरपाल सिंह तूर को उद्घाटन समारोह के लिए आधिकारिक किट और जर्सी समय पर नहीं मिल सकी। इस किट विवाद के कारण वह मार्च पास्ट का हिस्सा नहीं बन पाए। भारतीय खेल प्रबंधन ने बिना वक्त गंवाए एक बड़ा फैसला लिया और कबड्डी टीम के कप्तान पवन सहरावत को यह ऐतिहासिक जिम्मेदारी सौंप दी। पवन ने मनु भाकर के साथ मिलकर पूरे जोश के साथ तिरंगे को बुलंद रखा।
जापानी तकनीक और संस्कृति का अनोखा संगम
नागोया के मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में हुआ यह उद्घाटन समारोह आधुनिक तकनीक और जापान की पारंपरिक संस्कृति का एक बेजोड़ नमूना था। लेज़र शो, थ्री-डी मैपिंग और ड्रोन की कमाल की जुगलबंदी ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनने के लिए जापान के सम्राट नारुहितो और महारानी मासाको के साथ दुनिया भर के खेल अधिकारी और हजारों की संख्या में फैंस मौजूद रहे।
501 एथलीटों का विशाल भारतीय दस्ता
इस बार एशियाई खेलों में भारत ने अपनी अब तक की सबसे मजबूत और बड़ी टीमों में से एक को उतारा है। मार्च पास्ट में मनु और पवन के पीछे 501 भारतीय खिलाड़ियों का हुजूम चल रहा था। भारत इस बार 36 अलग-अलग खेलों में अपनी किस्मत आजमा रहा है। नीली जर्सी और स्वदेशी टच वाले पारंपरिक परिधानों में सजे भारतीय एथलीटों के चेहरों पर जोश और मेडल जीतने का भरोसा साफ दिखाई दे रहा था।
इन खेलों से हैं भारत को सबसे ज्यादा उम्मीदें
जापान की धरती पर तिरंगा लहराने के बाद अब असली इम्तिहान शुरू हो चुका है। खेल विश्लेषकों का मानना है कि इस बार भारत शूटिंग, कबड्डी, एथलेटिक्स, आर्चरी, बॉक्सिंग और क्रिकेट में गोल्ड मेडल की झड़ी लगा सकता है। मनु भाकर जहाँ शूटिंग में अपनी फॉर्म को बरकरार रखना चाहेंगी, वहीं पवन सहरावत की कप्तानी में कबड्डी टीम पिछले घावों को भरकर दोबारा बादशाहत हासिल करने के इरादे से उतरेगी। अब देखना होगा कि भारत इस बार मेडल टैली में इतिहास रच पाता है या नहीं।

