मौत के मुंह से निकले 182 मुसाफिर: भारतीय कैप्टन की जांबाजी की पूरी कहानी
4:22 PM, Oct 5, 2026
R Express भारत
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दुबई से इसराइल के लिए उड़ान भरने वाली फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में बीच आसमान में जो कुछ भी हुआ, उसने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। यह एक ऐसी साजिश

sketch by - ( AI )
उत्तर प्रदेश।दुबई से इसराइल के लिए उड़ान भरने वाली फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में बीच आसमान में जो कुछ भी हुआ, उसने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। यह एक ऐसी साजिश थी जो अमेरिका के 9/11 आतंकी हमले की खौफनाक यादें ताजा कर देती है। लेकिन इस बार फर्क सिर्फ इतना था कि एक जांबाज भारतीय कैप्टन और बहादुर यात्रियों की सूझबूझ ने एक बहुत बड़ी तबाही को टाल दिया।
कॉकपिट में खूनी खेल और खौफनाक साजिश
शुरुआती जांच के जो आंकड़े सामने आ रहे हैं, वे रौंगटे खड़े करने वाले हैं। उड़ान के दौरान विमान के ओमानी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने कॉकपिट के अंदर अचानक मुख्य कैप्टन पर कुल्हाड़ी (क्रैश एक्स) से जानलेवा हमला कर दिया। आरोपी का इरादा बेहद खौफनाक था—वह विमान पर पूरा कंट्रोल लेकर उसे इसराइल के बेन गुरियन एयरपोर्ट या तेल अवीव की किसी बड़ी इमारत से टकराना चाहता था। हमले के तुरंत बाद प्लेन तेजी से नीचे की तरफ गिरने लगा, जिससे केबिन में चीख-पुकार मच गई।
कैप्टन और यात्रियों की जांबाजी ने पलटी बाजी
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार ने हार नहीं मानी। उन्होंने घायल हालत में भी विमान को संभाला। इसी बीच कॉकपिट से आ रही आवाजों को सुनकर विमान में सवार यानिव नाम के एक इसराइली पैसेंजर और बाकी क्रू मेंबर्स ने हिम्मत दिखाई। उन्होंने दरवाजा तोड़कर हमलावर को-पायलट को दबोच लिया और उसे बांध दिया। इस तरह मौत के ठीक मुहाने पर खड़े 182 मुसाफिरों की जिंदगी महफूज बची।
सऊदी के रास्ते सुरक्षित लैंडिंग और वैश्विक नेताओं का सलाम
इस हाईजैक जैसी सिचुएशन के बाद विमान ने सऊदी अरब के आसमान में मदद के सिग्नल भेजे। तेल अवीव जाना बेहद खतरनाक हो सकता था, इसलिए विमान का रुख मोड़ा गया और उसे वापस यूएई में सुरक्षित लैंड कराया गया। इस जांबाजी की गूंज पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिका के डोनाल्ड ट्रंप और इसराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित को दुनिया का असली 'हीरो' करार दिया है।
आरोपी को-पायलट को मिल सकती है मौत की सजा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी हमाम अल-हम्मामी को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि ओमान ने उसे उसकी कट्टरपंथी सोच की वजह से पहले ही बैन कर रखा था। इसके बावजूद फ्लाईदुबई की सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई, इसकी पड़ताल की जा रही है। फिलहाल यूएई की सुरक्षा एजेंसियां उस पर आतंकवाद और गद्दारी का मुकदमा चला रही हैं। यूएई के सख्त कानूनों को देखते हुए माना जा रहा है कि आरोपी को सीधे मौत की सजा दी जा सकती है।

