₹2.12 लाख करोड़ की महाडील: सेनाएं होंगी मजबूत
1:22 PM, Oct 27, 2026
R Express भारत
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भारतीय सेनाओं को महाशक्तिशाली बनाने के लिए एक ऐतिहासिक डील पर मुहर लग चुकी है। सरकार ने थलसेना, नौसेना और वायुसेना की ताकत में इजाफा करने के लिए ₹2.12 लाख

sketch by - ( AI )
भारतीय सेनाओं को महाशक्तिशाली बनाने के लिए एक ऐतिहासिक डील पर मुहर लग चुकी है। सरकार ने थलसेना, नौसेना और वायुसेना की ताकत में इजाफा करने के लिए ₹2.12 लाख करोड़ के नए हथियारों और सैन्य उपकरणों की खरीद को मंजूरी दे दी है। इस मेगा डिफेंस डील की सबसे बड़ी और खास बात यह है कि इस पूरी रकम का करीब 82 फीसदी हिस्सा घरेलू बाजार में ही खर्च किया जाएगा। यानी लगभग ₹1.74 लाख करोड़ के ऑर्डर सिर्फ भारतीय कंपनियों को मिलेंगे, जिससे मेक इन इंडिया अभियान को पंख लगने वाले हैं।
तीनों सेनाओं को क्या-क्या मिलने जा रहा है?
इस बड़े बजट के जरिए हमारी तीनों सेनाओं को युद्ध के मैदान में दुश्मनों पर भारी पड़ने वाले आधुनिक हथियार सौंपे जाएंगे,सेना को अब लंबी दूरी तक मार करने वाले खतरनाक सुसाइड ड्रोन और आसमान से नजर रखने वाले एडवांस यूएवी दिए जाएंगे। दुश्मनों के हवाई हमलों और जासूसी ड्रोनों को हवा में ही ढेर करने के लिए बेहद कम दूरी की हवाई रक्षा प्रणालियां और काउंटर-ड्रोन सिस्टम खरीदे जाएंगे।यह एक ऐसी अनोखी तकनीक है, जो दुश्मन की गोलीबारी होते ही उसकी सटीक लोकेशन का तुरंत पता लगा लेगी।
दुर्गम पहाड़ों और जंगलों में सैनिकों को तेजी से पहुंचाने के लिए भारी गाड़ियां और दुश्मनों के छक्के छुड़ाने के लिए नई ट्रैक वाली तोपें शामिल की गई हैं।खोजी अभियानों के लिए नए हल्के हेलीकॉप्टर खरीदे जा रहे हैं। साथ ही नौसेना के युद्धपोतों को दुश्मनों की मिसाइलों से बचाने के लिए एक खास 'डिकॉय सिस्टम' भी बेड़े में जुड़ेगा, जो मिसाइलों का रास्ता भटका देता है।
डिफेंस सेक्टर की कंपनियों में मचेगी हलचल
इस घोषणा के बाद शेयर बाजार के डिफेंस सेक्टर में भारी तेजी देखने को मिल सकती है। ऑर्डर का एक बड़ा हिस्सा देसी कंपनियों की जेब में जाने की वजह से हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स , भारत इलेक्ट्रॉनिक्स , मझगांव डॉक और कोचीन शिपयार्ड जैसी दिग्गज कंपनियों के बिजनेस में बड़ा उछाल आने की उम्मीद है।
अब जल्द ही रक्षा विभाग इन हथियारों की खरीद के लिए टेंडर जारी करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा। आने वाले दिनों में यह कदम भारतीय सुरक्षा और घरेलू उद्योगों, दोनों की तस्वीर बदलने वाला साबित होगा।

