ईरान को मिटाने की तैयारी? ट्रंप ने दी 'एपिक फ्युरी' पार्ट-2 की धमकी, थर्राया मिडिल ईस्ट!
2:30 PM, Oct 25, 2026
R Express भारत
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मिडिल ईस्ट में बारूद के ढेर पर एक बार फिर चिंगारी सुलग उठी है। अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान पर एक बहुत बड़े और नए हमले की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं।

sketch by - ( AI )
मिडिल ईस्ट में बारूद के ढेर पर एक बार फिर चिंगारी सुलग उठी है। अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान पर एक बहुत बड़े और नए हमले की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं। इस बात को तब और हवा मिल गई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा की एक बड़ी जनसभा में ईरान को सीधे शब्दों में चेतावनी दे डाली। ट्रंप ने साफ कहा कि अगर तेहरान अब भी बातचीत के रास्ते पर नहीं आता है, तो उनके पास "एक और छोटा एपिक फ्युरी" करने का विकल्प खुला हुआ है। ट्रंप के इस तेवर ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में जंग और ज्यादा खतरनाक मोड़ ले सकती है।
क्या है 'ऑपरेशन एपिक फ्युरी' जिसने हिला दिया था ईरान?
जानकारों के मुताबिक, 'ऑपरेशन एपिक फ्युरी' कोई नया शब्द नहीं है। यह असल में उस खौफनाक अमेरिकी और इजरायली साझा सैन्य प्लान का कोडनेम है, जिसके तहत इस साल फरवरी में ईरान के खिलाफ इस पूरे सैन्य अभियान की शुरुआत की गई थी। अब पिछले 8 महीनों से चल रहे इस टकराव के बीच ट्रंप ने दोबारा इसी स्तर की बड़ी तबाही मचाने का इशारा किया है। अमेरिकी रणनीतिकारों का मानना है कि इस बार का एक्शन पहले से कहीं ज्यादा घातक हो सकता है।
ईरान का पलटवार: 'मिसाइल और ड्रोन से देंगे करारा जवाब'
डोनाल्ड ट्रंप की इस खुली धमकी के बाद ईरान के भीतर भी खलबली मची है, लेकिन उसके तेवर कम नहीं हुए हैं। ईरान के टॉप डिफेंस एक्सपर्ट्स और सुरक्षा कमांडरों ने अमेरिका को सीधी चुनौती देते हुए कहा है कि वे किसी भी तरह के दुस्साहस का जवाब देने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं। ईरान ने अमेरिकी नेवी के लड़ाकू जहाजों को फारस की खाड़ी से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है। इसके साथ ही चेतावनी दी गई है कि अगर अमेरिका या इजरायल ने कोई भी हिमाकत की, तो खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी ठिकानों को मिसाइलों और सुसाइडल ड्रोनों से नेस्तनाबूद कर दिया जाएगा।
खुफिया रिपोर्ट ने बढ़ाई टेंशन, दुनिया में मंदी का खतरा
इस बीच, ग्लोबल इंटेलिजेंस एजेंसियों ने एक बेहद गोपनीय अलर्ट जारी किया है। इस रिपोर्ट के अनुसार, ईरान मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी दूतावासों और सैन्य कर्मियों को निशाना बनाने के लिए अपने प्लान को अंतिम रूप दे चुका है।
दूसरी तरफ, इस संभावित टकराव से पूरी दुनिया सहमी हुई है। यूरोपीय देशों और सऊदी अरब सहित कई बड़े देशों ने अमेरिका और इजरायल से संयम बरतने की अपील की है। दुनिया को डर है कि अगर ईरान पर नया हमला हुआ, तो इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें आसमान छूने लगेंगी, जिससे पूरी दुनिया में भयंकर आर्थिक मंदी छा सकती है। फिलहाल, दोनों महाशक्तियों के बीच तनाव अपने सबसे चरम स्तर पर पहुंच चुका है।

