पढ़ाई और नौकरी के दबाव में 20 साल के छात्र ने गंवाई जान, डिप्रेशन बना वजह
6:42 PM, Sep 5, 2026
R Express भारत
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लखनऊ के इंदिरा नगर इलाके से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। यहाँ तकरोही बाजार में रहने वाले 20 साल के एक छात्र तुषार मिश्रा ने डिप्रेशन के चलते अपनी जान दे द

तुषार मिश्रा की फोटो सौ0 RExpress भारत
लखनऊ के इंदिरा नगर इलाके से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। यहाँ तकरोही बाजार में रहने वाले 20 साल के एक छात्र तुषार मिश्रा ने डिप्रेशन के चलते अपनी जान दे दी। तुषार बीए एलएलबी की पढ़ाई करने के साथ-साथ अपने परिवार की मदद के लिए एक प्राइवेट नौकरी भी करता था। शुक्रवार की शाम को उसका शव कमरे में फंदे से लटका मिला, जिसके बाद पूरे इलाके में मातम पसर गया है।
पारिवारिक बिखराव और जिम्मेदारियों का बोझ
पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, तुषार के माता-पिता पिछले करीब डेढ़ साल से अलग रह रहे थे। पिता संजय मिश्रा, जो एक प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम करते हैं, अपने दो बेटों के साथ हरिनगर तकरोही में रहते हैं। वहीं, उनकी पत्नी पुष्पांजलि अपने सबसे बड़े बेटे तुषार के साथ तकरोही बाजार में रह रही थीं। घर के खर्चों में हाथ बंटाने के लिए पुष्पांजलि सेक्टर-17 के एक सिलाई केंद्र में काम करती हैं, जबकि तुषार भी पढ़ाई के साथ-साथ नौकरी कर रहा था। बताया जा रहा है कि माता-पिता के अलग होने और कम उम्र में पढ़ाई व काम के दोहरे दबाव के कारण तुषार पिछले कुछ दिनों से गहरे डिप्रेशन में चल रहा था।
फोन न उठने पर हुआ शक
यह पूरी घटना शुक्रवार की है। तुषार की मां रोज़ की तरह अपनी ड्यूटी पर गई हुई थीं और तुषार घर पर अकेला था। दोपहर के समय जब मां ने उसे फोन किया, तो उसने फोन नहीं उठाया। लगातार कई बार कॉल करने के बाद भी जब कोई जवाब नहीं मिला, तो मां को किसी अनहोनी का डर सताने लगा। उन्होंने तुरंत अपने छोटे बेटे राज को तकरोही बाजार वाले घर पर जाकर देखने को कहा।
छोटे भाई ने देखा खौफनाक मंजर
शाम को करीब 5 बजे जब छोटा भाई राज घर पहुँचा, तो वहां का नजारा देखकर उसके होश उड़ गए। कमरे के अंदर तुषार का शव चादर के फंदे के सहारे लटक रहा था। राज की चीख सुनकर आस-पास के पड़ोसी तुरंत मौके पर इकट्ठा हो गए। लोगों की मदद से तुषार को फंदे से नीचे उतारा गया और तुरंत इलाज के लिए राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और डॉक्टरों ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया। तीन भाइयों में सबसे बड़े तुषार की मौत से पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

