काशी में ₹200 करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट: यूपी को मिलेगा पहला इंटरनेशनल क्रूज़ टर्मिनल
5:38 PM, Sep 27, 2026
R Express भारत
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धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी काशी अब बहुत जल्द दुनिया भर के आलीशान जहाजों की मेजबानी करने के लिए पूरी तरह तैयार हो रही है। वाराणसी के सामनेघाट पर उत्तर प्रदे

sketch by - ( AI )
उत्तर प्रदेश। धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी काशी अब बहुत जल्द दुनिया भर के आलीशान जहाजों की मेजबानी करने के लिए पूरी तरह तैयार हो रही है। वाराणसी के सामनेघाट पर उत्तर प्रदेश का पहला इंटरनेशनल क्रूज़ टर्मिनल आकार ले रहा है। लगभग 200 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बनने वाला यह विशाल प्रोजेक्ट बनारस को पानी के रास्ते दुनिया से जोड़ने का काम करेगा। इस हाइटेक टर्मिनल के बनने के बाद से न केवल बनारस का पर्यटन चमकेगा, बल्कि व्यापार और स्थानीय लोगों की कमाई के साधनों में भी जबरदस्त उछाल आएगा।
2 एकड़ में फैलेगा आधुनिक सुख-सुविधाओं का संसार
यह नया टर्मिनल सामनेघाट के किनारे करीब दो एकड़ (8,094 वर्ग मीटर) के विशाल दायरे में फैला होगा। यह जगह इतनी बड़ी है कि इसकी तुलना केरल के कोच्चि में बने मशहूर सागरिका टर्मिनल से की जाए, तो वाराणसी का यह टर्मिनल उससे तकरीबन साढ़े तीन गुना से भी ज्यादा बड़ा होगा। इस आधुनिक परिसर के अंदर एक साथ करीब 10,000 मुसाफिरों की चहल-पहल को संभालने की अद्भुत क्षमता होगी। यहां देश-विदेश से आने वाले सैलानियों के लिए हर तरह की लग्जरी सुविधाएं मौजूद रहेंगी। टर्मिनल के भीतर आरामदायक वीआईपी लाउंज, बढ़िया कैफेटेरिया, शॉपिंग के लिए ड्यूटी-फ्री दुकानें और गाड़ियों की पार्किंग जैसी तमाम सहूलियतें दी जाएंगी।
सुरक्षा व्यवस्था होगी अंतरराष्ट्रीय स्तर की
बाहर से आने वाले विदेशी मेहमानों के लिए इस टर्मिनल पर सुरक्षा और जांच का ढांचा बिल्कुल वैसा ही होगा जैसा बड़े हवाई अड्डों पर होता है। यहां पासपोर्ट और वीजा की जांच के लिए विशेष काउंटर, सामान की स्कैनिंग करने वाली आधुनिक मशीनें और पूरे परिसर की निगरानी के लिए चारों तरफ सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाया जाएगा। साथ ही बुजुर्गों और दिव्यांगों के चलने-फिरने के लिए खास तरह की इलेक्ट्रिक गाड़ियां (बग्गी) और सामान ले जाने वाली ट्रॉलियों का भी पूरा बंदोबस्त रहेगा।
रोजगार और स्थानीय कला को मिलेगा नया आसमान
इस बड़े प्रोजेक्ट की सबसे अच्छी बात यह है कि, यह स्थानीय लोगों की किस्मत बदलने वाला साबित होगा। जब दुनिया भर के बड़े और लग्जरी क्रूज़ जहाज सीधे बनारस के घाटों तक पहुंचेंगे, तो शहर में पर्यटकों का रुकना और बढ़ेगा। इससे होटल, रेस्टोरेंट, टैक्सी, नाविकों और टूर गाइड का काम करने वाले युवाओं को सीधे तौर पर फायदा पहुंचेगा। इसके साथ ही बनारसी साड़ी, लकड़ी के खिलौने और हस्तशिल्प से जुड़े स्थानीय कारीगरों को भी अपने सामान को दुनिया भर के खरीदारों तक पहुंचाने का एक बेहतरीन मंच मिल जाएगा।
यह शानदार जलमार्ग सीधे हल्दिया की तरफ जाने वाले रास्ते को जोड़ेगा, जिससे पानी के जरिए माल ढुलाई भी काफी आसान और सस्ती हो जाएगी। कुल मिलाकर, यह टर्मिनल आने वाले दिनों में बनारस को पानी के सफर और कारोबार का सबसे बड़ा व्यापारिक केंद्र बना देगा।

