देशव्यापी साइबर ठगी गिरोह के 3 शातिर गिरफ्तार, किराए के खातों से उड़ाते थे लाखों
5:23 PM, Aug 3, 2026
R Express भारत
Share:
विकासनगर में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष 'साइबर-वज्र' अभियान के तहत विकासनगर पुलिस को एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है।

विकासनगर पुलिस का बड़ा एक्शन फोटो सौ0 RExpress भारत
लखनऊ। विकासनगर में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष 'साइबर-वज्र' अभियान के तहत विकासनगर पुलिस को एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक ऐसे शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो देशभर में लोगों से ठगी गई रकम को अपने खातों में ठिकाने लगा रहा था। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को दबोचा है, जो सीधे तौर पर इस पूरे फ्रॉड नेटवर्क के लिए 'म्यूल अकाउंट'का इंतजाम करते थे। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सैफ, रेहान खान और नीरज शर्मा के रूप में हुई है।
शुरुआती जांच में जो आंकड़े सामने आए हैं, उसने पुलिस अधिकारियों को भी चौंका दिया है। इस गिरोह के तार देश के 13 अलग-अलग राज्यों से जुड़े हुए हैं। अब तक देश भर में दर्ज हुई 20 से ज्यादा साइबर शिकायतों में इस गैंग का सीधा हाथ होने की बात सामने आई है। आरोपियों ने मिलकर करीब 16.22 लाख रुपये की बड़ी ठगी को अंजाम दिया था। पुलिस को शक है कि अगर इनके पूरे नेटवर्क को खंगाला जाए, तो ठगी का यह आंकड़ा करोड़ों में पहुंच सकता है।
इस तरह काम करता था यह गिरोह
पुलिस की पूछताछ में इन बदमाशों ने अपने काम करने के तरीके को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। दरअसल, जब भी इस गिरोह के मुख्य सरगना किसी आम इंसान को ऑनलाइन शिकार बनाते थे, तो ठगी का पैसा सीधे इन तीन आरोपियों द्वारा मैनेज किए जाने वाले बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाता था।
जैसे ही ठगी की रकम खाते में आती, ये आरोपी उसमें से अपना तय कमीशन काट लेते थे। कमीशन का हिस्सा जेब में रखने के तुरंत बाद, ये लोग बाकी की रकम को एटीएम या अन्य तरीकों से कैश विड्रॉ (नकद निकासी) कर लेते थे। नकद पैसा हाथ में आते ही उसे मुख्य सरगनाओं तक पहुंचा दिया जाता था, जिससे पुलिस के लिए पैसों की ट्रेल को ट्रैक करना बेहद मुश्किल हो जाता था।
मुख्य मास्टमाइंड की तलाश जारी
विकासनगर पुलिस का कहना है कि यह इस बड़े नेटवर्क की सिर्फ शुरुआत है। पकड़े गए तीनों आरोपी इस गिरोह के बेहद अहम मोहरे थे, जो पैसों को इधर-उधर करने का काम संभालते थे। फिलहाल पुलिस की टीमें इस गिरोह के मुख्य मास्टमाइंड और असली सरगनाओं की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस रैकेट से जुड़े कुछ और बड़े चेहरों को भी बेनकाब किया जाएगा।

