होमवीडियो
ब्रेकिंग
sliderimg
sliderimg

भारत में 49 करोड़ लोग गरीबी से बाहर, विश्व बैंक की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

3:47 PM, Nov 2, 2026

मुस्कान​ सिंह
R Express भारत

Share:

वैश्विक स्तर पर आर्थिक और सामाजिक बदलावों पर नजर रखने वाली संस्था 'विश्व बैंक' की ताजा रिपोर्ट भारत के लिए एक बड़ी और सकारात्मक खबर लेकर आई है। रिपोर्ट के

 भारत में 49 करोड़ लोग गरीबी से बाहर, विश्व बैंक की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

photo by - ( AI )

वैश्विक स्तर पर आर्थिक और सामाजिक बदलावों पर नजर रखने वाली संस्था 'विश्व बैंक' की ताजा रिपोर्ट भारत के लिए एक बड़ी और सकारात्मक खबर लेकर आई है। रिपोर्ट के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, साल 2011 से 2023 के बीच भारत में लगभग 49.6 करोड़ लोग गरीबी रेखा के दायरे से बाहर निकलने में सफल रहे हैं। इस ऐतिहासिक बदलाव को दुनिया के इतिहास में सबसे तेज और बड़े सुधारों में से एक माना जा रहा है।

इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद देश के नेतृत्व ने इसे एक युगांतरकारी बदलाव बताया है। सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर इस बात को रेखांकित किया गया है कि देश ने बीते एक दशक में आर्थिक और सामाजिक स्तर पर अपनी एक नई पहचान बनाई है, जिसका सीधा फायदा समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े लोगों को मिला है।

अत्यधिक गरीबी दर में 90% की रिकॉर्ड गिरावट

विश्व बैंक की इस विशेष रिपोर्ट में गरीबी को मापने के लिए अलग-अलग पैमानों का इस्तेमाल किया गया है। अंतरराष्ट्रीय मानकों के आधार पर देश में अत्यधिक गरीबी के आंकड़ों में अभूतपूर्व कमी देखी गई है।साल 2011 में भारत की आबादी का एक बड़ा हिस्सा, यानी लगभग 27.1 प्रतिशत लोग अत्यधिक गरीबी में जीवन यापन कर रहे थे।12 वर्षों के निरंतर प्रयासों के बाद साल 2023 तक यह आंकड़ा घटकर मात्र 2.6 प्रतिशत पर आ गया है।प्रतिशत के लिहाज से देखा जाए तो देश में अत्यधिक गरीबी की दर में करीब 90 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई है।

जीवन स्तर में सुधार और आय के नए साधन

विश्व बैंक ने अपनी रिपोर्ट में दैनिक खर्च और आय के अन्य पैमानों को भी शामिल किया है। निम्न-मध्यम आय वर्ग (लगभग $4.20 प्रतिदिन की कमाई) के पैमाने पर भी भारत का प्रदर्शन शानदार रहा है। इस श्रेणी में देश की गरीबी दर 57.7 प्रतिशत से घटकर सीधे 16.1 प्रतिशत पर आ गई है। इसका सीधा मतलब यह है कि देश के करीब 50 करोड़ लोगों के रहन-सहन, खान-पान और जीवन स्तर में एक बड़ा और स्थाई सुधार आया है।

रोजगार के मोर्चे पर बड़ी राहत

इस रिपोर्ट का एक और सबसे महत्वपूर्ण पहलू देश में रोजगार की स्थिति को लेकर है। आंकड़ों के मुताबिक, साल 2017 से 2023 के बीच के महज छह सालों में देश के भीतर 13.4 करोड़ रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं। यह संख्या देश की कामकाजी उम्र की आबादी में हुई कुल बढ़ोतरी से लगभग दोगुनी है। रोजगार के इन नए अवसरों ने लोगों की क्रय शक्ति को बढ़ाया है, जिससे वे खुद को आर्थिक रूप से मजबूत करने में सक्षम हो सके हैं।

बदलाव के पीछे की मुख्य वजहें

आर्थिक जानकारों और विश्लेषकों का मानना है कि इस जमीनी बदलाव के पीछे मुख्य रूप से बुनियादी सुविधाओं का विस्तार है। बीते सालों में ग्रामीण और शहरी इलाकों में आम लोगों तक राशन की आसान पहुंच, पक्के मकानों का निर्माण, साफ पीने का पानी, बिजली और रसोई गैस जैसी बुनियादी जरूरतें पहुंची हैं। इन सबने मिलकर लोगों के जीवन को आसान बनाया है और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में मदद की है।

विज्ञापन

विज्ञापन

सम्बंधित खबर

अपना शहर

और देखें

विज्ञापन

Follow Us:

Download App

Play Store

Subscribe Now

Play StoreR Express Bharat
Develop & Design by SpriteEra IT Solutions

Copyright © RexpressBharat, 2026