यूपी को ग्लोबल टेक हब बनाने के लिए 5GW डेटा सेंटर प्रोजेक्ट
6:02 PM, Oct 24, 2026
R Express भारत
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उत्तर प्रदेश में डिजिटल क्रांति की एक बहुत बड़ी नींव रखी जा रही है, जो आने वाले समय में राज्य की पूरी अर्थव्यवस्था को बदल कर रख देगी। मुख्यमंत्री योगी आदित

sketch by - ( AI )
उत्तर प्रदेश में डिजिटल क्रांति की एक बहुत बड़ी नींव रखी जा रही है, जो आने वाले समय में राज्य की पूरी अर्थव्यवस्था को बदल कर रख देगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के तकनीकी और औद्योगिक विकास को लेकर एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना पेश की है। इस योजना के तहत साल 2030 तक उत्तर प्रदेश में 5 गीगावाट क्षमता के डेटा सेंटर विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस बड़े प्रोजेक्ट को हकीकत में बदलने के लिए प्रदेश में 5 विशाल डेटा सेंटर क्लस्टर्स का एक मजबूत नेटवर्क तैयार किया जा रहा है।
रोजगार और निवेश के नए रास्ते
इस बड़े कदम से न सिर्फ उत्तर प्रदेश में तकनीकी बुनियादी ढांचा मजबूत होगा, बल्कि भारी मात्रा में निवेश और नौकरियों के नए अवसर भी पैदा होंगे। आज के समय में दुनिया भर की बड़ी कंपनियां अपने डेटा को सुरक्षित रखने के लिए सुरक्षित और बड़े ठिकानों की तलाश में हैं। यूपी सरकार इसी मौके का फायदा उठाकर राज्य को देश का सबसे बड़ा डेटा हब बनाना चाहती है। इससे स्थानीय युवाओं को तकनीक के क्षेत्र में बेहतरीन करियर बनाने का मौका मिलेगा और आईटी सेक्टर में यूपी की धाक जमेगी।
5 बड़े क्लस्टर्स का बनेगा जाल
इस योजना को रफ्तार देने के लिए राज्य में 5 खास इलाकों को चुना गया है, जिन्हें बड़े डेटा सेंटर नेटवर्क के तौर पर विकसित किया जा रहा है। इन क्लस्टर्स में चौबीसों घंटे बिजली, तेज इंटरनेट कनेक्टिविटी और आधुनिक सुरक्षा इंतजाम जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं दी जाएंगी। नोएडा और ग्रेटर नोएडा पहले से ही इस रेस में आगे चल रहे हैं, और अब इस नेटवर्क के जरिए राज्य के अन्य हिस्सों को भी तकनीकी रूप से जोड़ा जा रहा है ताकि संतुलित विकास हो सके।
क्यों जरूरी है यह कदम?
आजकल मोबाइल ऐप्स, ऑनलाइन बैंकिंग, ई-कॉमर्स और सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से हर सेकंड भारी मात्रा में डेटा जनरेट हो रहा है। इस डेटा को स्टोर और प्रोसेस करने के लिए बहुत बड़े और एडवांस कंप्यूटिंग सेटअप की जरूरत होती है, जिन्हें डेटा सेंटर कहा जाता है। यूपी में 5 गीगावाट की क्षमता तैयार होने का मतलब है कि राज्य न केवल घरेलू बल्कि अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के डेटा को भी संभालने में पूरी तरह सक्षम हो जाएगा।

