बारिश के बीच बिजली के खंभे से चिपका 19 साल का मासूम, तड़प-तड़प कर गई जान
6:43 PM, Jul 21, 2026
R Express भारत
Share:
लखनऊ के पीजीआई इलाके से एक बेहद दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां तेलीबाग में स्थित एक नामी रिजॉर्ट के बाहर करंट की चपेट में आने से एक 19 साल के मास

दिलीप लोधी की फोटो सौ0 RExpress भारत
उत्तर प्रदेश। लखनऊ के पीजीआई इलाके से एक बेहद दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां तेलीबाग में स्थित एक नामी रिजॉर्ट के बाहर करंट की चपेट में आने से एक 19 साल के मासूम लड़के की दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि सुबह हल्की-हल्की बारिश हो रही थी, तभी सड़क किनारे लगे एक बिजली के खंभे ने इस हंसते-खेलते लड़के को हमेशा के लिए मौत की नींद सुला दिया। इस हादसे के बाद से पीड़ित परिवार में मातम पसरा हुआ है और माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।
बहराइच से लखनऊ कमाने आया था दिलीप
जानकारी के मुताबिक, जान गंवाने वाले 19 वर्षीय लड़के का नाम दिलीप लोधी था। वह मूल रूप से बहराइच जिले के हरीघाट थाना क्षेत्र के ललुही गांव का रहने वाला था। दिलीप अपने चार भाइयों में सबसे छोटा और सबका लाडला था। घर की माली हालत ठीक न होने की वजह से वह करीब 5 महीने पहले लखनऊ आया था। वह पीजीआई के तेलीबाग इलाके में स्थित 'मां कैलाशा होटल एवं रिजॉर्ट' में हाउसकीपिंग का काम करता था और रिजॉर्ट के ही नौकरों वाले कमरे में रहता था।
दिलीप के बड़े भाई पवन ने बताया कि, रोज की तरह सुबह दिलीप किसी काम से रिजॉर्ट से बाहर पैदल निकला था। उस वक्त आसमान से हल्की बूंदें गिर रही थीं और सड़क पर नमी थी। रिजॉर्ट से वह अभी कुछ ही कदम आगे बढ़ा था कि अचानक सड़क किनारे लगे लोहे के एक बिजली के खंभे से उसका हाथ छू गया। बारिश के कारण उस खंभे में पहले से ही तेज करंट दौड़ रहा था। हाथ छूते ही दिलीप करंट की चपेट में आ गया और खंभे से बुरी तरह चिपक गया।
दिलीप को तड़पता देख पास की दुकान चलाने वाले एक शख्स ने गजब की सूझबूझ दिखाई। उसने बिना डरे तुरंत सूखी लकड़ी का एक डंडा उठाया और दिलीप को उस खंभे से अलग किया। इसके बाद दुकानदार भागकर रिजॉर्ट के अंदर गया और वहां के मालिक सुशील को पूरी बात बताई। होटल मालिक सुशील तुरंत दिलीप को संभालते हुए इलाज के लिए पास के पीजीआई ट्रामा-2 अस्पताल लेकर भागे। साथ ही उन्होंने तुरंत गांव में रहने वाले दिलीप के परिवार को फोन पर हादसे की सूचना दी। लेकिन बदकिस्मती से डॉक्टर दिलीप को बचा नहीं सके और अस्पताल के बेड पर ही उसने दम तोड़ दिया।
लोगों में भारी गुस्सा, बारिश में लापरवाही बनी काल
इस खौफनाक हादसे के बाद से इलाके के लोग बिजली विभाग की लापरवाही पर बेहद गुस्से में हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जरा सी बारिश होते ही सड़कों पर लगे खंभों और तारों में करंट उतर आता है, जिसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। दिलीप तो सिर्फ अपने परिवार का सहारा बनने शहर आया था, लेकिन इस लापरवाही ने एक गरीब मां-बाप के बुढ़ापे की लाठी को हमेशा के लिए छीन लिया।

