छत पर मुंह धोने गए मजदूर की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत
1:27 PM, Aug 25, 2026
R Express भारत
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लखनऊ के काकोरी इलाके से एक बेहद दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ के करीमाबाद गांव में मंगलवार की सुबह एक बड़ा हादसा हो गया।

मजदूर की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत फोटो सौ0 RExpress भारत
लखनऊ के काकोरी इलाके से एक बेहद दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ के करीमाबाद गांव में मंगलवार की सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। घर की छत पर मुंह धोने गए 21 साल के एक युवा मजदूर की हाईटेंशन बिजली के तार की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है, वहीं स्थानीय लोगों में बिजली विभाग की लापरवाही को लेकर भारी नाराजगी है।
सुबह-सुबह खुशियां मातम में बदलीं
जानकारी के मुताबिक, 21 वर्षीय कामिल मूल रूप से उन्नाव के हसनगंज इलाके के सर्ववा गांव का रहने वाला था। वह साल 2012 से काकोरी के करीमाबाद गांव में अपने जीजा रेहान के घर पर रहकर मजदूरी का काम करता था। रोज की तरह मंगलवार सुबह करीब 8 बजे कामिल सोकर उठा और हाथ-मुंह धोने के लिए मकान की छत पर गया।
उसे इस बात का अंदाजा नहीं था कि छत के ठीक ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन उसके लिए काल बन जाएगी। जैसे ही कामिल छत पर पहुंचा, वह इस खतरनाक बिजली लाइन की चपेट में आ गया। करंट इतना जोरदार था कि उसे संभलने का मौका तक नहीं मिला और मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई।
परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
हादसे की खबर जैसे ही घर के अंदर पहुंची, पूरे परिवार में चीख-पुकार मच गई। कामिल के पिता रमजान, मां शकीला और बड़े भाई सलमान का रो-रोकर बुरा हाल है। जवान बेटे को खोने का गम पूरे गांव को सता रहा है। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। इस घटना ने एक बार फिर रिहायशी इलाकों के ऊपर से गुजरने वाले मौत के इन तारों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
लोगों का आरोप: 'शिकायतों के बाद भी सो रहा है बिजली विभाग'
इस दर्दनाक हादसे के बाद से करीमाबाद और आसपास के ग्रामीणों में बिजली विभाग के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा है। लोगों का साफ तौर पर कहना है कि काकोरी, दुबग्गा और पारा जैसे इलाकों में मकानों के ऊपर से गुजर रही ये हाईटेंशन लाइनें लगातार लोगों की जान ले रही हैं। इससे पहले भी कई बड़े हादसे हो चुके हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि, वे इस समस्या को लेकर कई बार बिजली दफ्तरों में शिकायत कर चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी इस गंभीर खतरे को लगातार नजरअंदाज कर रहे हैं। लोगों ने मांग की है कि रिहायशी इलाकों के ऊपर से गुजरने वाले इन खतरनाक तारों को तुरंत हटाया जाए या इन्हें पूरी तरह सुरक्षित किया जाए ताकि आगे किसी और मासूम की जान न जाए।

