काकोरी में नींद की एक झपकी ने ली कंटेनर चालक की जान, दो घंटे तक केबिन में फंसा रहा शव
3:40 PM, Aug 15, 2026
R Express भारत
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लखनऊ के काकोरी इलाके में शुक्रवार देर रात एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। यहां चिलौली अंडरपास पुल के ऊपर एक तेज रफ्तार कंटेनर आगे खड़े दूसरे

काकोरी में नींद की एक झपकी ने ली कंटेनर चालक की जान फोटो सौ0 RExpress भारत
लखनऊ के काकोरी इलाके में शुक्रवार देर रात एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। यहां चिलौली अंडरपास पुल के ऊपर एक तेज रफ्तार कंटेनर आगे खड़े दूसरे ट्रक में पीछे से जा घुसा। टक्कर इतनी भयानक थी कि पीछे वाले कंटेनर का केबिन पूरी तरह चकनाचूर हो गया और उसका चालक उसी मलबे में फंस गया। करीब दो घंटे की भारी मशक्कत और जेसीबी मशीन की मदद से चालक को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। आशंका जताई जा रही है कि यह हादसा चालक को नींद की झपकी आने की वजह से हुआ।
बहराइच से माल लादकर लखनऊ आ रहा था चालक
प्राप्त जानकारी के अनुसार, फतेहपुर के माझि गांव का रहने वाला 32 वर्षीय संदीप त्रिवेदी एक नामी आयुर्वेदिक कंपनी (पतंजलि) का कंटेनर चलाता था। शुक्रवार को वह बहराइच से कंटेनर में दालमोठ लादकर लखनऊ के लिए निकला था। देर रात करीब 1:30 बजे जैसे ही उसका कंटेनर काकोरी के चिलौली अंडरपास पुल के ऊपर पहुंचा, वहां पहले से एक अन्य कंटेनर खड़ा था, जिस पर मोटरसाइकिलें लदी हुई थीं। रफ्तार तेज होने और ध्यान भटकने के कारण संदीप का कंटेनर सीधे आगे खड़े वाहन से टकरा गया।
लोहे के मलबे में तब्दील हुआ केबिन, तड़प-तड़प कर गई जान
मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक टक्कर इतनी जोरदार थी कि संदीप के कंटेनर का अगला हिस्सा आगे वाले ट्रक के अंदर तक धंस गया। वहां मौजूद दूसरे वाहन चालकों ने तुरंत इस बात की सूचना स्थानीय पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने हालात को देखते हुए तुरंत जेसीबी मशीन को काम पर लगाया। लोहे की चादरों को काटकर संदीप को बाहर निकालने में पूरे दो घंटे का समय लग गया। अधिक चोट लगने और समय पर इलाज न मिलने के कारण संदीप ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
संदीप की मौत की खबर मिलते ही उसके घर में कोहराम मच गया। मृतक अपने पीछे पत्नी आरती, दो बेटों और एक बेटी को छोड़ गया है। संदीप के भाई अमन ने रोते हुए बताया कि अगर उनके भाई को समय रहते केबिन से बाहर निकाल लिया जाता, तो शायद अस्पताल पहुंचकर उसकी जान बचाई जा सकती थी। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है।

