मालिक के गृह प्रवेश में आया था युवक, दो दिन बाद नहर में तैरती मिली लाश; परिवार में मचा कोहराम
7:01 PM, Aug 21, 2026
R Express भारत
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लखनऊ के चिनहट और विभूति खंड इलाके से एक बेहद दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक युवक अपने मालिक के नए मकान के गृह प्रवेश कार्यक्रम में खुशियाँ

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उत्तर प्रदेश।लखनऊ के चिनहट और विभूति खंड इलाके से एक बेहद दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक युवक अपने मालिक के नए मकान के गृह प्रवेश कार्यक्रम में खुशियाँ मनाने आया था, लेकिन किसी को क्या पता था कि वह अपनी मौत के जाल में खिंचा चला आ रहा है। दो दिन पहले संदिग्ध हालात में लापता हुए इस युवक की लाश आखिरकार शुक्रवार की सुबह चिनहट के पास नहर में तैरती हुई मिली। इस दर्दनाक हादसे के बाद से हंसते-खेलते परिवार की दुनिया उजाड़ हो गई है।
मालिक के नए घर की खुशियों में शामिल होने आया था राजकुमार
मिली जानकारी के मुताबिक, 31 साल का राजकुमार विभूति खंड के विजयीपुर अंडरपास के पास अपनी पत्नी और बच्चे के साथ रहता था। वह अपनी रोजी-रोटी चलाने के लिए विभूति खंड हाई कोर्ट के पास स्थित मनोज की कैटर्स की दुकान पर नौकरी करता था। बीती 19 अगस्त को राजकुमार के मालिक मनोज का चिनहट की चंद्र प्रकाश कॉलोनी में नए मकान का गृह प्रवेश था। अपने मालिक की इसी खुशी में शामिल होने और काम में हाथ बंटाने के लिए राजकुमार वहाँ पहुँचा था।
गृह प्रवेश के कार्यक्रम के दौरान ही राजकुमार अचानक वहाँ से कहीं चला गया। जब वह काफी देर तक वापस नहीं लौटा, तो लोगों ने उसकी खोजबीन शुरू की। दोस्तों और रिश्तेदारों ने उसे हर संभावित जगह पर ढूंढा, लेकिन उसका कहीं कोई सुराग नहीं लगा। दो दिनों की भारी मशक्कत के बाद, शुक्रवार की सुबह चंद्र प्रकाश नगर के पास मौजूद नहर में लोगों ने एक लाश को पानी के ऊपर उतराते हुए देखा। जब पास जाकर शिनाख्त की गई, तो वह लाश किसी और की नहीं बल्कि दो दिन से गायब राजकुमार की ही थी।
मासूम बेटे और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल
नहर से शव मिलने की खबर फैलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और देखते ही देखते लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। राजकुमार की मौत की खबर जैसे ही उसके घर पहुँची, परिवार में चीख-पुकार मच गई। वह अपने पीछे पत्नी सुषमा यादव और एक छोटे बेटे अजय कुमार यादव को छोड़ गया है। घर के इकलौते कमाने वाले सदस्य की इस तरह अचानक मौत से सुषमा की गोद सूनी हो गई है और मासूम अजय के सिर से पिता का साया उठ गया है। रोते-बिलखते परिवार को देखकर हर किसी की आँखें नम हैं। हर कोई बस यही सोच रहा है कि जो इंसान दो दिन पहले खुशियाँ मनाने निकला था, वह आज कफ़न में लिपटकर घर लौटेगा।

