AAP का जोरदार प्रदर्शन: बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश, ईको गार्डन भेजे गए कार्यकर्ता
3:55 PM, Oct 9, 2026
R Express भारत
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लखनऊ का प्रमुख इलाका आज उस समय पूरी तरह से छावनी में बदल गया जब एक राजनीतिक दल के सैकड़ों लोग अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर अड़ी AAP फोटो सौ0 RExpress भारत
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का प्रमुख इलाका आज उस समय पूरी तरह से छावनी में बदल गया जब एक राजनीतिक दल के सैकड़ों लोग अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए। शहर के मशहूर स्वास्थ्य भवन चौराहे पर जमा हुए इन लोगों ने जमकर नारेबाजी की और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। देखते ही देखते चौराहे पर भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया।
इस बड़े प्रदर्शन की अगुवाई आम आदमी पार्टी के स्थानीय नेता कर रहे थे। प्रदर्शन में शामिल लोगों का गुस्सा चुनावी प्रक्रिया की देखरेख करने वाले प्रमुख अधिकारी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ था। लोगों का आरोप था कि हाल के दिनों में आम जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ खिलवाड़ किया गया है। प्रदर्शनकारी लगातार मांग कर रहे थे कि संबंधित अधिकारी को तुरंत उनके पद से हटाया जाए या वे खुद अपना पद छोड़ दें।
बैरिकेड्स पर चढ़े लोग, हुई जमकर धक्का-मुक्की
चौराहे पर कुछ देर तक शांतिपूर्ण ढंग से बैठे रहने के बाद, भीड़ अचानक उत्तर प्रदेश विधानसभा भवन की तरफ बढ़ने लगी। माहौल को भांपते हुए सुरक्षाकर्मियों ने पहले से ही भारी बैरिकेडिंग कर रखी थी। जैसे ही लोगों ने आगे बढ़ने की कोशिश की, सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक लिया। इसके बाद दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक और जमकर धक्का-मुक्की शुरू हो गई। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई प्रदर्शनकारी सुरक्षा घेरे को लांघने की कोशिश करते हुए दिखाई दिए।
उमस और हंगामे के बीच एक व्यक्ति हुआ बेहोश
दोपहर की तेज धूप और भारी उमस के बीच चल रहे इस हंगामे के दौरान एक चौंकाने वाली घटना भी सामने आई। लगातार नारेबाजी और धक्का-मुक्की के कारण एक प्रदर्शनकारी अचानक चक्कर खाकर जमीन पर गिर पड़ा और बेहोश हो गया। इसे देखकर मौके पर कुछ देर के लिए हड़कंप मच गया। हालांकि, वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत संवेदनशीलता दिखाई। उन्होंने तुरंत उस व्यक्ति को संभाला, उसे पानी पिलाया और चेहरे पर छीटें मारकर उसे होश में लाए। समय पर मिली इस मदद से उसे बड़ी राहत मिली।
गाड़ियों में भरकर धरना स्थल भेजे गए प्रदर्शनकारी
चौराहे पर स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षाबलों ने प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे मुख्य चेहरों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। इन सभी लोगों को मौके पर बुलाई गई गाड़ियों और बसों में बैठाया गया और शहर के तय धरना स्थल, ईको गार्डन भेज दिया गया। इसके बाद ही स्वास्थ्य भवन चौराहे पर यातायात को दोबारा सामान्य किया जा सका।
दल के बड़े नेताओं का कहना है कि यह जनता के अधिकारों की लड़ाई है और वे इसे इतनी आसानी से रुकने नहीं देंगे। आने वाले दिनों में इस तरह के प्रदर्शन देश के अन्य हिस्सों में भी देखने को मिल सकते हैं।

