सिटी लॉ कॉलेज में एबीवीपी ने दी कारगिल के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि, दीपों से जगमगाया परिसर
10:38 PM, Jul 26, 2026
R Express भारत
Share:
जानकीपुरम विस्तार स्थित सिटी लॉ कॉलेज में कारगिल विजय दिवस के अवसर पर एक भव्य और गरिमामयी श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।

एबीवीपी के छात्र बैठे हुए सौ0 RExpressभारत
लखनऊ। जानकीपुरम विस्तार स्थित सिटी लॉ कॉलेज में कारगिल विजय दिवस के अवसर पर एक भव्य और गरिमामयी श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की स्थानीय इकाई के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं और युवा कार्यकर्ताओं ने देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले वीर जवानों के अदम्य साहस को याद किया। इस दौरान पूरा परिसर भारत माता के जयकारों से गूंज उठा।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य परिसर में भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। इसके बाद उपस्थित युवाओं ने लाइन में खड़े होकर मोमबत्तियां और मिट्टी के दीपक जलाकर कारगिल युद्ध के वीर बलिदानियों को नमन किया। उपस्थित वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि, वर्ष 1999 में भारतीय सेना के पराक्रम ने जिस तरह घुसपैठियों को खदेड़कर दुर्गम चोटियों पर दोबारा तिरंगा फहराया था, वह गाथा हर नागरिक में राष्ट्रभक्ति का संचार करती है। युवाओं ने कहा कि सीमाओं पर तैनात रक्षक ही देश की असली रीढ़ हैं और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य है।
इस अवसर पर छात्र नेताओं ने कहा कि, आज की युवा पीढ़ी को कानून और शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए भी राष्ट्र प्रथम की भावना को सर्वोपरि रखना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन कर समाज के उत्थान में अपना योगदान दें, क्योंकि अनुशासित समाज ही एक सशक्त राष्ट्र की पहचान होता है। कार्यक्रम में मौजूद छात्र-छात्राओं ने शहीदों की याद में कुछ मिनट का मौन भी रखा और देश की संप्रभुता व एकता बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया।
समारोह के समापन पर देशभक्ति से ओतप्रोत गीतों और गगनभेदी नारों के साथ देश के वीर सपूतों को भावभीनी पुष्पांजलि अर्पित की गई। इस आयोजन में विधि संकाय के विद्यार्थियों, परिषद के समर्पित पदाधिकारियों और स्थानीय प्रबुद्ध जनों ने बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। दीपों की कतारों से सजे परिसर ने हर किसी के मन में राष्ट्र के प्रति गौरव और आदर का भाव जगाया।

