आखिर क्यो सूर्य देव को प्रसन्न करना है कठिन,जीवन बदलने वाला सत्य, “ॐ घृणि सूर्याय नमः”
रविवार को लोगो के द्वारा सूर्य भगवान को प्रसन्न करने के लिए कई प्रकार के उपाय किए जाते है। सूर्य देव का जन्म देवी अदिति के गर्भ से महर्षि कश्यप से हुआ था।उन्हें आदित्य, भास्कर और भानु जैसे अन्य नामों से भी जाना जाता है।ज्योतिष में सूर्य को आत्मा का कारक माना जाता है और वे कई अन्य ग्रहों के राजा भी हैं।
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3:23 PM, Nov 23, 2025
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उत्तर प्रदेश।रविवार को लोगो के द्वारा सूर्य भगवान को प्रसन्न करने के लिए कई प्रकार के उपाय किए जाते है। सूर्य देव का जन्म देवी अदिति के गर्भ से महर्षि कश्यप से हुआ था।उन्हें आदित्य, भास्कर और भानु जैसे अन्य नामों से भी जाना जाता है।ज्योतिष में सूर्य को आत्मा का कारक माना जाता है और वे कई अन्य ग्रहों के राजा भी हैं।पौराणिक कथाओं के अनुसार, सूर्य का रथ सात घोड़ों द्वारा खींचा जाता है, जो सप्ताह के सात दिनों का प्रतीक हैं।उनके कुछ प्रसिद्ध पुत्रों में यम, शनि, अश्विनी कुमार, सुग्रीव और कर्ण शामिल हैं। इसके अलावा,सूर्य देव की पूजा कई त्योहारों के दौरान की जाती है, जैसे मकर संक्रांति, पोंगल और छठ पूजा शामिल हैं।
प्रसन्न करने के उपाय क्या है ?
सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए हर दिन सुबह सूर्योदय के समय उगते हुए सूर्य को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें। जल में रोली, लाल फूल, लाल चंदन और चावल मिलाएं।सूर्य को जल चढ़ाते समय “ॐ घृणि सूर्याय नमः” मंत्र का जाप करें। आप आदित्य हृदय स्तोत्र या सूर्य बीज मंत्र “ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः” का भी जाप कर सकते हैं। माथे पर लाल चंदन का तिलक लगाएं। नियमित रूप से पिता का सम्मान करें और उनका आशीर्वाद लें।नशे से बचें।सूर्य की रोशनी में बैठें।रविवार को बंदरों को गुड़ और गेहूं मिलाकर खिलाएं।तांबे के बर्तन में जल रखकर उसी से पानी पिएं।सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए गुड़, जौ, तांबा और लाल फूल का दान कर सकते हैं।घर के मुख्य द्वार पर घी का दीपक जलाएं।घर में बांस का पौधा लगाएं। रविवार को लाल रंग के वस्त्र पहनना शुभ होता है।
क्यो किया जाता है प्रसन्न करने का प्रयास ?
सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए उनकी पूजा की जाती है। सूर्य देव को सृष्टि में जीवन और ऊर्जा का स्रोत माना जाता है।उनकी आराधना से आरोग्य की प्राप्ति होती है, इसलिए उन्हें 'आरोग्यता का देवता' भी कहा जाता है।सूर्य देव की पूजा से व्यक्ति को यश, मान-सम्मान और सफलता मिलती है।उनकी कृपा से घर में सुख और समृद्धि आती है।सूर्य देव को ग्रहों का राजा माना जाता है, इसलिए उनकी पूजा से कुंडली के ग्रहों को बल मिलता है। प्रतिदिन सूर्योदय के समय तांबे के लोटे से जल अर्पित करें।रोजाना सूर्य नमस्कार करें, जो एक उत्तम व्यायाम भी है।आदित्यहृदय स्तोत्र का पाठ करने से भी सूर्य देव प्रसन्न होते हैं। रविवार का व्रत रखें और सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए गुड़, लाल रंग के कपड़े या अन्य वस्तुएं दान कर सकते हैं।

