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धर्मगुरु के सामने जमीन पर बैठे अखिलेश यादव: बोले- 'अधर्मियों से धर्म को छुड़ाना जरूरी'

2:31 PM, Jul 9, 2026

मुस्कान​ सिंह
R Express भारत

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लखनऊ में गुरूवार को सुबह एक बेहद दिलचस्प और बड़ी सियासी-धार्मिक हलचल देखने को मिली। समाजवादी पार्टी के मुखिया और सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ज

धर्मगुरु के सामने जमीन पर बैठे अखिलेश यादव: बोले- 'अधर्मियों से धर्म को छुड़ाना जरूरी'

शंकराचार्य के चरणों में बैठे दिखे अखिलेश यादव फोटो सौ0 RExpress भारत

उत्तर प्रदेश।लखनऊ में गुरूवार को सुबह एक बेहद दिलचस्प और बड़ी सियासी-धार्मिक हलचल देखने को मिली। समाजवादी पार्टी के मुखिया और सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से खास मुलाकात की। इस मुलाकात की सबसे ज्यादा चर्चा सोशल मीडिया पर इसलिए हो रही है, क्योंकि सपा प्रमुख बेहद सादगी के साथ शंकराचार्य के सामने जमीन पर बैठे नजर आए। उन्होंने बेहद आदर भाव के साथ संत का आशीर्वाद लिया।

मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने खुद इस बैठक की तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने साफ लफ्जों में कहा कि धर्म को उन लोगों के चंगुल से आजाद कराने की जरूरत है, जो इसका गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज के दौर में जो लोग धर्म के नाम पर पाखंड कर रहे हैं, उनके खिलाफ एक वैचारिक मुहिम की जरूरत है। शंकराचार्य के साथ उनकी यह बातचीत देश में सनातन परंपरा के सही स्वरूप को बचाने और अधर्मियों को बेनकाब करने के इर्द-गिर्द घूमती रही।

गोमाता को राष्ट्रीय सम्मान दिलाने की मुहिम

इस मुलाकात के दौरान सबसे बड़ा और संवेदनशील मुद्दा 'गाय' का रहा। अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत में बताया कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद देश में गोमाता को एक गरिमापूर्ण और राष्ट्रीय स्तर का सम्मान दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। सपा प्रमुख ने भरोसा दिलाया कि उनकी पार्टी भी गायों की दुर्दशा को लेकर बेहद गंभीर है और वे इस पवित्र काम में संत समाज के मार्गदर्शन के साथ आगे बढ़ने को तैयार हैं।

अयोध्या विवाद और चढ़ावे की चोरी पर तीखा हमला

आशीर्वाद लेने के बाद अखिलेश यादव पूरी तरह से आक्रामक तेवर में नजर आए। उन्होंने अयोध्या के राम मंदिर में सामने आए कथित चढ़ावे की चोरी के मामले को लेकर सत्तापक्ष पर सीधा और बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भगवान के घर में इस तरह की हेराफेरी और चोरी करना एक महापाप है। उन्होंने इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम के काम करने के तरीके पर भी गंभीर सवाल उठाए। सपा मुखिया ने आरोप लगाया कि जांच के नाम पर केवल मामले को दबाने और सच को छिपाने की कोशिश की जा रही है, जिसे जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।

यह मुलाकात आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकती है, क्योंकि अखिलेश यादव ने इसके जरिए सीधे तौर पर सांस्कृतिक और धार्मिक मुद्दों पर अपनी पकड़ मजबूत करने का संकेत दे दिया है।

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