अमेरिका का बड़ा फैसला: यूक्रेन को मिलेंगी 500 पैट्रियट मिसाइलें
1:21 PM, Nov 1, 2026
R Express भारत
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रूस और यूक्रेन के बीच चल रही भीषण जंग के बीच एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। यूक्रेन को हवाई हमलों से बचाने के लिए अमेरिका ने एक बहुत बड़ा फैसला लिया है।

photo by ( AI )
रूस और यूक्रेन के बीच चल रही भीषण जंग के बीच एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। यूक्रेन को हवाई हमलों से बचाने के लिए अमेरिका ने एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। अमेरिकी सरकार ने यूक्रेन को 500 बेहद आधुनिक पैट्रियट मिसाइलें देने के लिए 2.1 अरब डॉलर (करीब 19,000 करोड़ रुपये) के रक्षा सौदे को हरी झंडी दे दी है। इस फैसले के बाद अब यूक्रेन के आसमान को रूस के खतरनाक मिसाइल और ड्रोन हमलों से सुरक्षित रखने में बड़ी मदद मिलेगी।
आखिर इस भारी-भरकम सौदे का पैसा कौन देगा?
इस सौदे की सबसे दिलचस्प बात यह है कि इसका खर्च खुद अमेरिका नहीं उठा रहा है। अमेरिकी विदेशी मामलों के विभाग के मुताबिक, इस सौदे में अमेरिकी सरकार का कोई पैसा नहीं लगेगा। बल्कि इसका पूरा भुगतान यूक्रेन के मददगार देश मिलकर करेंगे। यूरोपीय संघ अपनी 'यूक्रेन सहायता लोन योजना' के जरिए इसका खर्च उठाएगा। इसके अलावा कनाडा, जर्मनी और नॉर्वे जैसे देश भी इस पूरी रकम को चुकाने में हाथ बंटा रहे हैं।
जेलेंस्की खुश तो हैं, लेकिन बढ़ गई है एक नई टेंशन
इस मंजूरी के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने राहत की सांस तो ली है, लेकिन उनकी चिंताएं कम नहीं हुई हैं। जेलेंस्की का कहना है कि इन नई मिसाइलों को फैक्ट्रियों में बनने और यूक्रेन तक पहुंचने में कई साल का लंबा वक्त लग सकता है। जबकि यूक्रेन को रूस के हमलों से बचने के लिए इन मिसाइलों की जरूरत अभी, इसी वक्त है। रूस लगातार यूक्रेन के बिजली घरों और पावर ग्रिडों को तबाह कर रहा है। इसलिए जेलेंस्की ने मांग की है कि सहयोगी देश अपने मौजूदा स्टॉक से हर महीने यूक्रेन को 100 मिसाइलें भेजें, ताकि तुरंत बचाव किया जा सके।
क्या है पैट्रियट सिस्टम और क्यों है यह इतना खास?
पैट्रियट मिसाइल सिस्टम को दुनिया का सबसे अचूक और आधुनिक हवाई सुरक्षा कवच माना जाता है। यह सिस्टम आसमान में आते हुए दुश्मन के लड़ाकू विमानों, खतरनाक बैलिस्टिक मिसाइलों और सुसाइड ड्रोनों को बहुत दूर से ही पहचान लेता है और उन्हें हवा में ही मार गिराता है। बीते कुछ महीनों में यूक्रेन के पास इन मिसाइलों की भारी कमी हो गई थी, जिसका फायदा उठाकर रूस ने यूक्रेन के कई शहरों को निशाना बनाया। अब इस नई खेप के आने से यूक्रेन को रूस के खिलाफ अपनी खोई हुई ताकत दोबारा हासिल करने का मौका मिलेगा।

