मिसाइल अटैक के बाद अमेरिका का बड़ा एक्शन, ईरान के 5 तेल टैंकर उड़ाए; अंडरवाटर ड्रोन पर भी छिड़ी जंग
5:56 PM, Sep 10, 2026
R Express भारत
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मिडिल ईस्ट में एक बार फिर युद्ध जैसी स्थिति बन गई है। अमेरिकी और ईरानी सेना के बीच तनाव चरम पर पहुंच चुका है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड आधिकारिक तौर पर एलान कि

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उत्तर प्रदेश।मिडिल ईस्ट में एक बार फिर युद्ध जैसी स्थिति बन गई है। अमेरिकी और ईरानी सेना के बीच तनाव चरम पर पहुंच चुका है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड आधिकारिक तौर पर एलान किया है कि अमेरिकी लड़ाकू विमानों और युद्धपोतों ने एक बड़े जवाबी हमले में ईरान के 5 विशाल तेल टैंकरों को पूरी तरह तबाह कर दिया है। यह कार्रवाई तब की गई जब ईरान की तरफ से अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला करने की कोशिश हुई थी।
क्यों हुआ यह भीषण हमला?
मिली जानकारी के मुताबिक, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स समुद्र में गश्त कर रहे अमेरिकी युद्धपोत को निशाना बनाकर लगातार दो मिसाइलें दागीं। हालांकि, अमेरिकी डिफेंस सिस्टम ने समय रहते इन मिसाइलों को हवा में ही नाकाम कर दिया। इस हिमाकत का जवाब देने के लिए अमेरिकी सेना ने तुरंत एक्शन लिया और ईरान के अवैध तेल नेटवर्क से जुड़े 5 टैंकरों— M/T कविज़, M/T चार मीनार, M/T होराइजन 1, M/T रिस्को और M/T डेरिया को बमबारी करके समुद्र में ही नष्ट कर दिया। अमेरिकी सेना का दावा है कि इन जहाजों के जरिए अरबों डॉलर का तेल बेचकर आतंकी गतिविधियों को पैसा भेजा जा रहा था। हालांकि, हमले से पहले जहाजों पर मौजूद क्रू मेंबर्स को हटने की चेतावनी दी गई थी।
हाई-टेक पनडुब्बी पर शुरू हुआ नया ड्रामा
इस खूनी झड़प के बीच ईरान की सेना ने एक वीडियो जारी करके दावा किया है कि उन्होंने समुद्र के भीतर एक सीक्रेट ऑपरेशन चलाकर अमेरिका की बेहद आधुनिक मानवरहित पनडुब्बी (अंडरवाटर ड्रोन) को अपने कब्जे में ले लिया है। ईरान इसे अपनी बड़ी कामयाबी बता रहा है। ईरान के मुताबिक, यह ड्रोन कैलिफोर्निया की एक बड़ी डिफेंस कंपनी द्वारा बनाया गया 'Dive-LD' मॉडल है।
अमेरिका ने बताया 'खराब कबाड़'
दूसरी तरफ, अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने ईरान के इस दावे की हवा निकाल दी है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरान जिसे अपनी बहादुरी बता रहा है, वह असल में एक तकनीकी खराबी (मैलफंक्शन) का मामला है। अमेरिका के मुताबिक, यह एक पुराना ड्रोन था जो एक दिन पहले तकनीकी खराबी की वजह से पानी में बह गया था। इसमें कोई भी खुफिया रडार, सोनार सिस्टम या संवेदनशील डेटा मौजूद नहीं था, जिसे ईरान हैक कर सके।
इस ताजा टकराव के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आने की आशंका बढ़ गई है, जिससे भारत सहित कई देशों की चिंताएं बढ़ सकती हैं।

