23 साल बाद इराक से हटा अमेरिका, देश में 'संप्रभुता दिवस' का जश्न
7:13 PM, Sep 30, 2026
R Express भारत
Share:
अंतरराष्ट्रीय राजनीति और मध्य पूर्व से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। अमेरिकी सेना ने 30 सितंबर 2026 को इराक से अपने सभी सैनिकों को वापस बुला लिया

sketch by - ( AI )
अंतरराष्ट्रीय राजनीति और मध्य पूर्व से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। अमेरिकी सेना ने 30 सितंबर 2026 को इराक से अपने सभी सैनिकों को वापस बुला लिया है। इसी के साथ इराक की धरती पर पिछले 23 सालों से चला आ रहा अमेरिकी फौज का सैन्य सफर पूरी तरह खत्म हो गया है। अमेरिकी सैनिकों के हटते ही पूरे इराक में जश्न का माहौल है और लोग सड़कों पर उतरकर अपनी खुशी का इजहार कर रहे हैं।
इराक में चार दिन का जश्न, मना रहे 'संप्रभुता दिवस'
अमेरिकी फौज की इस विदाई को इराकी जनता और वहां की सरकार अपनी एक बहुत बड़ी ऐतिहासिक जीत मान रही है। इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने इस खास मौके पर देश में चार दिनों की सरकारी छुट्टी का एलान कर दिया है। पूरे देश में इस समय को 'संप्रभुता दिवस' के तौर पर मनाया जा रहा है। इराकी प्रशासन का साफ कहना है कि अब उनका देश बाहरी दखल से पूरी तरह आजाद है और अपनी सुरक्षा करने में सक्षम है।
2003 में शुरू हुई थी यह कहानी
आपको याद दिला दें कि इस पूरे सिलसिले की शुरुआत साल 2003 में हुई थी, जब अमेरिकी अगुवाई वाले गठबंधन ने इराक पर हमला किया था। इसके बाद साल 2011 में एक बार अमेरिकी सैनिक वापस गए थे, लेकिन 2014 में इस्लामिक स्टेट के बढ़ते आतंक को रोकने के लिए इराकी सरकार की मांग पर अमेरिकी फौज को दोबारा 'ऑपरेशन इनहेरेंट रिजॉल्व' के तहत इराक आना पड़ा। लंबे समय से चल रही बातचीत के बाद आखिरकार दोनों देशों के बीच यह सहमति बनी थी कि 30 सितंबर 2026 तक अमेरिकी मिशन को पूरी तरह समेट लिया जाएगा, और अमेरिका ने इस वादे को पूरा कर दिया है।
ईरान ने मनाया जश्न, अमेरिकी राजनीति में हलचल
अमेरिकी सेना की इस विदाई पर पड़ोसी देश ईरान और इराक में मौजूद ईरान-समर्थित शिया लड़ाकू गुटों (जैसे कताइब हिज्बुल्लाह) ने जमकर खुशी जताई है। इसे 'अमेरिकी ताकतों की बड़ी हार' बताया जा रहा है। इस बीच, ईरान की सबसे ताकतवर मिलिट्री विंग 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' ने इस मौके का फायदा उठाते हुए अमेरिकी वोटर्स से एक बड़ी अपील कर दी है। ईरान ने अमेरिकी मतदाताओं से कहा है कि वे आने वाले मिडटर्म चुनावों में डोनाल्ड ट्रंप और उनके सहयोगियों को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएं।
आगे क्या होगा?
भले ही अमेरिकी सेना के जाने से इराक में जश्न का माहौल है, लेकिन दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञ इसे लेकर थोड़े चिंतित भी हैं। जानकारों का मानना है कि अमेरिकी फौज के हटने से जो सुरक्षा का खालीपन पैदा होगा, उसका फायदा उठाकर आईएसआईएस के छुपे हुए लड़ाके दोबारा सिर उठा सकते हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इराकी सेना बिना किसी बाहरी मदद के अपने देश की सुरक्षा कैसे संभालती है।

