पुलिस मेमोरियल पहुंचे अमित शाह, 2029 तक देश को नशामुक्त करने का लक्ष्य
1:02 PM, Oct 21, 2026
R Express भारत
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देश में आज उन बहादुर पुलिसवालों और जवानों को याद किया जा रहा है, जिन्होंने हमारी सुरक्षा के लिए अपनी जान दांव पर लगा दी। इस खास मौके पर देश के गृह मंत्री अ

sketch by - ( AI )
नई दिल्ली । देश में आज उन बहादुर पुलिसवालों और जवानों को याद किया जा रहा है, जिन्होंने हमारी सुरक्षा के लिए अपनी जान दांव पर लगा दी। इस खास मौके पर देश के गृह मंत्री अमित शाह दिल्ली के 'नेशनल पुलिस मेमोरियल' पहुंचे। वहां उन्होंने देश के लिए जान गंवाने वाले वीर जवानों को नमन किया। इस दौरान उन्होंने एक बहुत बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि सरकार का टारगेट साल 2029 तक भारत को पूरी तरह से नशामुक्त (ड्रग्स-फ्री) बनाना है और इस मिशन पर तेजी से काम चल रहा है।
ड्रग्स के खिलाफ बाइकर्स की मेगा रैली
नशे के खिलाफ इस जंग को और मजबूत करने के लिए अमित शाह ने दिल्ली से एक खास मोटरसाइकिल रैली को हरी झंडी दिखाई। इस रैली में देश के अलग-अलग राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों और केंद्रीय सुरक्षा बलों (जैसे CRPF, BSF, CISF, SSB, ITBP) के 90 पुलिस बाइक राइडर्स शामिल हैं। ये राइडर्स पूरे देश में घूमकर लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करेंगे। यह रैली देश का चक्कर लगाते हुए 31 अक्टूबर को गुजरात के एकता नगर पहुंचेगी और वहाँ 'राष्ट्रीय एकता दिवस' के मौके पर होने वाली बड़ी परेड का हिस्सा बनेगी।
नक्सलवाद और सुरक्षा पर बड़ा अपडेट
अमित शाह ने सुरक्षा व्यवस्था पर बात करते हुए बताया कि देश से नक्सलवाद और आतंकवाद को खत्म करने के लिए हमारे जवानों ने बहुत बड़ी लड़ाई लड़ी है। देश की आजादी के बाद से अब तक 36,468 जवानों ने देश की सुरक्षा करते हुए अपनी जान गंवाई है, जिनमें से अकेले नक्सलवाद के खिलाफ जंग में करीब 3,600 जवान शहीद हुए हैं। उन्होंने बताया कि सिर्फ पिछले एक साल के अंदर ही देश के 216 जवानों ने देश के दुश्मनों और आंतरिक खतरों का सामना करते हुए अपनी जान कुर्बान की है। सरकार इन सभी के परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है।
क्यों मनाया जाता है यह दिन?
आज के दिन को इतिहास में एक बेहद भावुक और गर्व करने वाले पल के रूप में देखा जाता है। दरअसल, 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के बेहद ठंडे और दुर्गम इलाके 'हॉट स्प्रिंग्स' में चीनी सेना ने अचानक भारतीय जवानों पर हमला कर दिया था। उस वक्त संख्या में कम होने के बावजूद CRPF के जवानों ने चीनी सैनिकों का डटकर मुकाबला किया था और देश की रक्षा करते हुए 10 जवान शहीद हो गए थे। उन्हीं की याद में हर साल 21 अक्टूबर को यह खास दिन मनाया जाता है।

