लखनऊ के मोती नगर चौराहे पर अनियंत्रित रफ्तार बाइक ने रिक्शे को रौंदा, बुजुर्ग की मौत
2:50 PM, Jun 4, 2026
R Express भारत
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लखनऊ के भीड़भाड़ वाले इलाके में एक बार फिर से तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला है। नाका क्षेत्र के मोती नगर चौराहे के पास एक बेकाबू मोटरसाइकिल ने सामने से आ

लखनऊ के मोती नगर चौराहे पर भीषण सड़क हादसा sketch by- google
लखनऊ के भीड़भाड़ वाले इलाके में एक बार फिर से तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला है। नाका क्षेत्र के मोती नगर चौराहे के पास एक बेकाबू मोटरसाइकिल ने सामने से आ रहे पैडल रिक्शे को जोरदार टक्कर मार दी। इस दर्दनाक हादसे में रिक्शा चालक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से चोटिल हो गया। राहगीरों और स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत नजदीकी चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
सामने से आई तेज बाइक ने मारी टक्कर
जानकारी के अनुसार, आलमबाग के मवैया स्थित श्रम विहार बस्ती के रहने वाले ६० वर्षीय बुजुर्ग रवि महतो लंबे समय से रिक्शा चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। रोज की तरह वे बुधवार की सुबह भी काम पर निकले थे। सुबह करीब १० बजे के आसपास जब वे मोती नगर चौराहे के पास पहुंचे, तभी सामने से आ रही एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल के चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए उनके रिक्शे में सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि रवि महतो हवा में उछलकर दूर जा गिरे, जिससे उनके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं।
चिकित्सालय में इलाज के दौरान तोड़ा दम
हादसे के तुरंत बाद आसपास के दुकानदार और राहगीर मौके पर जमा हो गए। लोगों ने एम्बुलेंस की मदद से लहूलुहान हालत में बुजुर्ग को तुरंत बलरामपुर अस्पताल भिजवाया। वहां चिकित्सकों की टीम ने उनकी नाजुक हालत को देखते हुए तत्काल इलाज शुरू किया। डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद, अंदरूनी चोटें अधिक होने के कारण अगले दिन यानी बृहस्पतिवार की सुबह रवि महतो की सांसें थम गईं। चिकित्सालय प्रशासन द्वारा सूचना मिलने के बाद परिजन भी वहां पहुंच गए।
बस्ती में शोक की लहर, परिजनों का बुरा हाल
रवि महतो के परिवार में उनकी पत्नी गुलाब देवी और बेटा नवल हैं। घर के मुखिया की अचानक इस तरह मौत हो जाने से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बेटे नवल ने बताया कि उनके पिता ही घर के मुख्य कमाऊ सदस्य थे और मेहनत-मजदूरी करके घर चलाते थे। इस हादसे ने उनकी पूरी दुनिया उजाड़ दी है। घटना की जानकारी मिलते ही मवैया की श्रम विहार बस्ती में मातम पसर गया है और स्थानीय निवासियों ने पीड़ित परिवार के लिए मदद की मांग की है। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र के चौराहों पर तेज रफ्तार बाइक सवार अक्सर राहगीरों के लिए खतरा बने रहते हैं, जिन पर लगाम कसना बेहद जरूरी है।

