होमवीडियो
ब्रेकिंग
sliderimg

प्राचीन स्मारक हमारी सांस्कृतिक चेतना के केन्द्र-जयवीर सिंह

4:47 PM, Jul 16, 2026

मुस्कान​ सिंह
R Express भारत

Share:

उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व विभाग के अंतर्गत आने वाले राज्य संरक्षित 08 स्मारकों पर वृहद अनुरक्षण कराये जाने के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट में प्राविध


प्राचीन स्मारक हमारी सांस्कृतिक चेतना के केन्द्र-जयवीर सिंह

जयवीर सिंह फोटो सौ0 google

लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व विभाग के अंतर्गत आने वाले राज्य संरक्षित 08 स्मारकों पर वृहद अनुरक्षण कराये जाने के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट में प्राविधानित कुल धनराशि 14 करोड़ 81 लाख 81 हजार 200 रुपये अवमुक्त कर कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल द्वारा जैन विद्या शोध संस्थान लखनऊ के खाते में जमा करा दी गई है। इस धनराशि से झांसी, ललितपुर, फिरोजाबाद, शामली तथा लखनऊ में स्थित स्मारकों पर वृहद अनुरक्षण कार्य कराये जायेंगे। ये प्राचीन स्मारक हमारी सांस्कृतिक चेतना के केन्द्र हैं। साथ ही हमारी विरासत का हिस्सा हैं।

यह जानकारी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि,झांसी स्थित डिमरौनी गढ़ी के वृहद अनुरक्षण कार्य के लिए 03 करोड़ 46 लाख 51 हजार 520 रुपये, ललितपुर स्थित मर्दनसिंह की बैठक में वृहद अनुरक्षण कार्य के लिए 01 करोड़ 42 लाख 65 हजार 860 रुपये, इसी जनपद के लक्षमणगढ़ मन्दिर पिपराई ललितपुर के कार्य के लिए 55 लाख 40 हजार 920 रुपये तथा रणक्षोण मन्दिर धोजारी के लिए 28 लाख 55 हजार रुपये की धनराशि अवमुक्त की गई है।

जयवीर सिंह ने बताया कि, इसी प्रकार झांसी के ठाकुरपुरा गढ़ी पर वृहद अनुरक्षण कार्य हेतु स्वीकृत 4 करोड़ 88 लाख 98 हजार 80 रुपये की धनराशि, फिरोजाबाद जनपद के चन्द्रवाड़ का किला पर वृहद अनुरक्षण कार्य करने के लिए 1 करोड़ 60 लाख 69 हजार की धनराशि, शामली जनपद के प्राचनी गुम्बद पर वृहद अनुरक्षण कार्य हेतु 1 करोड़ 70 लाख 20 हजार रुपये तथा लखनऊ स्थित बड़ा शिवाला पर वृहद अनुरक्षण कार्य के लिए 88 लाख 88 हजार रुपये की धनराशि स्वीकृत कराते हुए जैन विद्या शोध संस्थान के खाते में जमा करा दी गई है।

जयवीर सिंह ने बताया कि, उपरोक्त स्मारक पुरातात्विक महत्व के हैं। इनका निर्माण अनूठी शैली में किया गया है। साथ ही स्थापत्य कला के अदभुत नमूने हैं। इनको संरक्षित कर भावी पीढ़ी को सांस्कृतिक चेतना और गौरव की अनुभूति कराना है। ये पुराने निर्माण अपने में एक लम्बा इतिहास समेटे हुए हैं। इनकों आकर्षक रूप दे कर श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को आकर्षित करना भी है। साथ ही बुनियादी सुविधाएं सुलभ कराना है। उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में प्राचीन स्मारकों, किलों, धार्मिक स्थलों तथा ऐतिहासिक महत्व के भवनों को सहेजा जा रहा है, इन स्मारकों से आसपास के लोगों की स्मृति जुड़ी हुई है। इस प्रकार राज्य सरकार अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए आम जनता के उपयोगार्थ प्रस्तुत करने का प्रयास कर रही है।

विज्ञापन

विज्ञापन

सम्बंधित खबर

अपना शहर

और देखें

विज्ञापन

Follow Us:

Download App

Play Store

Subscribe Now

Play StoreR Express Bharat
Develop & Design by SpriteEra IT Solutions

Copyright © RexpressBharat, 2026