गाजीपुर में किसी बात से नाराज होकर महिला ने लगाया फंदा, अस्पताल में इलाज के दौरान थमी सांसें
5:47 PM, Jul 2, 2026
R Express भारत
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गाजीपुर थाना क्षेत्र में मुलायम नगर में रहने वाली एक 22 वर्षीय विवाहिता ने घरेलू कलह या किसी बात से नाराज होकर आत्मघाती कदम उठा लिया। फंदे से लटकने के बाद

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लखनऊ। गाजीपुर थाना क्षेत्र में मुलायम नगर में रहने वाली एक 22 वर्षीय विवाहिता ने घरेलू कलह या किसी बात से नाराज होकर आत्मघाती कदम उठा लिया। फंदे से लटकने के बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया था, जहां इलाज के दौरान दूसरे दिन उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। सबसे ज्यादा दुख इस बात का है कि महिला अपने पीछे दो छोटे-छोटे मासूम बच्चों को छोड़ गई है, जिनके सिर से हमेशा के लिए मां का आंचल छिन गया है।किराए के कमरे में रहता था परिवार
मिली जानकारी के अनुसार, मूल रूप से बाराबंकी के रहने वाले मनीष मौर्य अपनी पत्नी 22 वर्षीय सोनम और दो बच्चों के साथ गाजीपुर के मुलायम नगर इलाके में किराए पर रहते हैं। मनीष लखनऊ में ही ऑटो चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं और मेहनत-मजदूरी कर किसी तरह घर का खर्च चला रहे थे। सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन 30 जून की रात को अचानक खुशियां मातम में बदल गईं।
बताया जा रहा है कि 30 जून की देर शाम घर में किसी बात को लेकर कुछ अनबन या नाराजगी हुई थी। इसी बात से आहत होकर सोनम ने कमरे के अंदर जाकर फंदा लगा लिया और उस पर लटक गईं। जब पति मनीष कमरे में पहुंचे और पत्नी को इस हालत में देखा, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। मनीष ने बिना एक पल गंवाए तुरंत सोनम को फंदे से नीचे उतारा और आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल लेकर भागे।
अस्पताल में इलाज के दौरान थमी सांसें
लोहिया अस्पताल के डॉक्टरों ने सोनम की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें तुरंत भर्ती कर लिया और आईसीयू में इलाज शुरू किया। डॉक्टर लगातार सोनम की जान बचाने की कोशिश में जुटे रहे। अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान सोनम जिंदगी और मौत के बीच जूझती रहीं, लेकिन आखिरकार दूसरे दिन इलाज के दौरान उनकी सांसें थम गईं और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पिता ने नहीं लगाया कोई आरोप
सोनम की मौत की खबर जब उनके मायके पहुंची, तो वहां कोहराम मच गया। सोनम के पिता कृपाल भी तुरंत मौके पर पहुंचे। लेकिन इस बेहद दुखद घड़ी में भी मृतका के पिता कृपाल ने अपने दामाद मनीष या उनके परिवार के किसी भी सदस्य पर कोई आरोप नहीं लगाया है। उन्होंने इस पूरी घटना को एक दुखद हादसा माना है। इस वजह से मामले में किसी तरह का पारिवारिक विवाद सामने नहीं आया है।

