खाद-पानी की किल्लत और विदेशी ट्रेड डील के खिलाफ सड़क पर उतरे अन्नदाता, पुलिस से जोरदार भिड़ंत
3:47 PM, Aug 10, 2026
R Express भारत
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सोमवार को एक बार फिर किसानों के नारों से गूंज उठीं। खाद की भारी किल्लत, नहरों में पानी न आने और भारत-अमेरिका के बीच हो रही नई ट्रेड डील के विरोध में भारतीय

लखनऊ में किसानों का फूटा गुस्सा फोटो सौ0 RExpress भारत
लखनऊ।सोमवार को एक बार फिर किसानों के नारों से गूंज उठीं। खाद की भारी किल्लत, नहरों में पानी न आने और भारत-अमेरिका के बीच हो रही नई ट्रेड डील के विरोध में भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले हजारों किसानों ने राजधानी में जोरदार हल्ला बोला। परिवर्तन चौक से राजभवन की तरफ बढ़ रहे किसानों के पैदल मार्च को भारी पुलिस बल ने केडी सिंह बाबू स्टेडियम के पास बैरिकेड्स लगाकर रोक दिया, जिसके बाद किसानों और पुलिस के बीच तीखी झड़प और धक्का-मुक्की देखने को मिली।
क्यों भड़के हैं किसान? ये हैं 3 मुख्य वजहें
प्रदर्शन कर रहे किसान नेताओं का कहना है कि सरकार की नीतियां किसान विरोधी हैं। आंदोलन के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़ी वजहें सामने आ रही हैं कि,बुआई के इस सीजन में किसानों को यूरिया और डीएपी खाद के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। दुकानों पर लंबी लाइनें लगी हैं और खाद ब्लैक में बेची जा रही है।किसानों का आरोप है कि, फसलों को सबसे ज्यादा जरूरत के समय नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया। समय पर पानी न मिलने से उनकी मेहनत से लगाई गई फसलें खेतों में ही सूख रही हैं। किसान इस बात से बेहद नाराज हैं कि भारत और अमेरिका के बीच जो नया व्यापार समझौता होने जा रहा है, उससे विदेशी कंपनियों को भारतीय कृषि बाजार में खुली छूट मिल जाएगी। इससे छोटे किसानों का वजूद पूरी तरह खत्म हो जाएगा।
परिवर्तन चौक पर हंगामा, स्टेडियम के पास बनी अभेद्य दीवार
तय कार्यक्रम के मुताबिक, दोपहर को भारी संख्या में किसान परिवर्तन चौक पर इकट्ठा हुए और वहां से उन्होंने राजभवन की ओर पैदल कूच करना शुरू कर दिया। किसानों का इरादा राज्यपाल से मिलकर अपनी समस्याओं का पुलिंदा (ज्ञापन) सौंपने का था।
जैसे ही किसानों का रेला आगे बढ़ा, पुलिस ने केडी सिंह बाबू स्टेडियम के पास लोहे के ऊंचे बैरिकेड्स लगाकर रास्ता पूरी तरह ब्लॉक कर दिया। किसानों ने जब आगे बढ़ने की कोशिश की, तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें जबरन पीछे धकेल दिया। इस दौरान दोनों पक्षों में जमकर नोकझोंक हुई और माहौल काफी गरमा गया। नाराज किसान वहीं सड़क पर धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे।
हजरतगंज में लगा भयंकर जाम, राहगीर परेशान
इस बड़े प्रदर्शन और पुलिस की नाकेबंदी के कारण हजरतगंज, परिवर्तन चौक और केडी सिंह बाबू स्टेडियम के आसपास की सभी सड़कों पर गाड़ियों का पहिया थम गया। दफ्तर जाने वालों और आम राहगीरों को भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा। घंटों चले हंगामे के बाद, प्रशासन के बड़े अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर किसानों से उनकी मांगों का पत्र लिया और जल्द से जल्द खाद-पानी की किल्लत दूर करने का भरोसा दिया, तब जाकर किसान शांत हुए।

