होमवीडियो
ब्रेकिंग
sliderimg

APEC 2026: क्या चीन में बंद कमरों में बंटेगा यूक्रेन? पुतिन का बड़ा दांव!

5:25 PM, Oct 21, 2026

मुस्कान​ सिंह
R Express भारत

Share:

अगले महीने चीन के शेंझेन शहर में होने जा रहे एपेक शिखर सम्मेलन के दौरान दुनिया की राजनीति में एक बहुत बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। खबर है कि, रूस के र

APEC 2026: क्या चीन में बंद कमरों में बंटेगा यूक्रेन? पुतिन का बड़ा दांव!

sketch by - ( AI )

अगले महीने चीन के शेंझेन शहर में होने जा रहे एपेक शिखर सम्मेलन के दौरान दुनिया की राजनीति में एक बहुत बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। खबर है कि, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ एक बेहद खास और गोपनीय बैठक कर सकते हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि, इस महाबैठक का पूरा फोकस यूक्रेन युद्ध को खत्म करने पर होगा, लेकिन खुद यूक्रेन को इस बातचीत की मेज से पूरी तरह दूर रखा गया है।

पुतिन का कूटनीतिक दांव

अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने डोनाल्ड ट्रंप के साथ फोन पर हुई बातचीत के दौरान इस त्रिपक्षीय बैठक का आइडिया सामने रखा था। पुतिन चाहते हैं कि, दुनिया की ये तीन महाशक्तियां आपस में बैठकर इस चार साल पुराने संघर्ष का कोई रास्ता निकालें। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने भी माना है कि ऐसी एक बैठक को लेकर चर्चाएं चल रही हैं, हालांकि अभी तक इसका कोई पक्का एजेंडा या लिखित प्रस्ताव फाइनल नहीं हुआ है।

यूक्रेन और यूरोपीय देशों में खलबली

बिना यूक्रेन के उसके भविष्य का फैसला करने की इस कोशिश ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबीहा ने इस संभावित बैठक की कड़ी आलोचना की है। उनका कहना है कि, यूक्रेन की मौजूदगी के बिना ऐसी कोई भी बातचीत पुतिन के हौसले और ज्यादा बढ़ाएगी। वहीं यूरोप के कई बड़े देशों में भी इस बात को लेकर गहरी चिंता है कि,कहीं तीन बड़े देश मिलकर पर्दे के पीछे से कोई ऐसा समझौता न कर लें, जिससे यूक्रेन का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाए।

क्या सोच रहे हैं ट्रंप और शी जिनपिंग?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले भी कई बार दावा कर चुके हैं कि वे इस युद्ध को बहुत जल्द रुकवा सकते हैं। हालांकि, ट्रंप की टीम का कहना है कि, वे इस मुलाकात में यूक्रेन से ज्यादा वैश्विक परमाणु हथियारों पर लगाम लगाने के मुद्दे को प्राथमिकता देना चाहेंगे। दूसरी तरफ, मेजबान देश चीन ने इस बैठक पर खुलकर कुछ भी कहने से परहेज किया है, लेकिन जानकारों का मानना है कि शी जिनपिंग इस तरह की किसी चर्चा का विरोध नहीं करेंगे।

18-19 नवंबर को टिकी नजरें

यह ऐतिहासिक बैठक 18-19 नवंबर 2026 को चीन में होने वाले एपेक समिट के इतर हो सकती है। अगर यह मुलाकात सच में हकीकत बदलती है, तो यह वैश्विक राजनीति का रुख पूरी तरह बदल देगी। अब देखना यह होगा कि, क्या यूक्रेन इस बातचीत में अपनी जगह बना पाता है या फिर बड़े देशों की इस कूटनीति के आगे उसे घुटने टेकने पड़ेंगे।

विज्ञापन

विज्ञापन

सम्बंधित खबर

अपना शहर

और देखें

विज्ञापन

Follow Us:

Download App

Play Store

Subscribe Now

Play StoreR Express Bharat
Develop & Design by SpriteEra IT Solutions

Copyright © RexpressBharat, 2026