एशियन गेम्स 2026: भारतीय धुरंधरों का जलवा, 85 मेडल के साथ टॉप-4 में बनाई जगह
1:04 PM, Oct 4, 2026
R Express भारत
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एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने एक बार फिर अपना दमखम दिखाते हुए इतिहास रच दिया है। आइची-नागोया में खेले गए इन खेलों में भारत ने कुल 85 मेडल अपने

sketch by - ( AI )
उत्तर प्रदेश। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने एक बार फिर अपना दमखम दिखाते हुए इतिहास रच दिया है। आइची-नागोया में खेले गए इन खेलों में भारत ने कुल 85 मेडल अपने नाम किए, जिनमें 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। इस शानदार प्रदर्शन के दम पर भारत मेडल टैली में चौथे नंबर पर रहा। हालांकि, यह आंकड़ा पिछले हांगझोउ खेलों के 107 पदकों से कम है, लेकिन आखिरी दिनों में आए मेडल की बौछार ने देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया।
खेलों के आखिरी कुछ दिन भारतीय फैंस के लिए बेहद रोमांचक रहे। क्रिकेट, हॉकी, तीरंदाजी और कुश्ती जैसे खेलों में खिलाड़ियों ने मैदान मारते हुए सोने के तमगे बटोरे।
हॉकी और क्रिकेट में रहा जलवा
मैदान पर सबसे बड़ा धमाका भारतीय मेंस हॉकी टीम ने किया। फाइनल मुकाबले में टीम ने मलेशिया को 5-1 से धूल चटाते हुए सोने का तमगा जीता। दिलचस्प बात यह रही कि इस बार मेंस और विमेंस दोनों हॉकी टीमों ने गोल्ड जीतकर एक नया रिकॉर्ड बना दिया। वहीं, क्रिकेट की बात करें तो मेंस क्रिकेट टीम ने फाइनल में पाकिस्तान को 19 रनों से मात देकर अपना गोल्ड मेडल बरकरार रखा।
तीरंदाजी, कुश्ती और गोल्फ में रचा इतिहास
निशानेबाजी और कुश्ती के अखाड़े से भी खुशखबरी आई। तीरंदाजी में कुमकुम अनिल महोद ने महिलाओं की व्यक्तिगत रिकर्व कैटेगरी में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सोने पर निशाना साधा। कुश्ती में अमन सहरावत ने अपने कड़े दांव-पेंचों से विरोधियों को चित किया और देश की झोली में एक और गोल्ड डाला। गोल्फ के मैदान से भी एक ऐतिहासिक खबर आई, जहां प्रणवी शरथ उर्स ने विमेंस इंडिविजुअल इवेंट में पहली बार गोल्ड जीतकर सबको चौंका दिया।
यह कामयाबी उन सभी एथलीटों की सालों की मेहनत का नतीजा है, जिन्होंने दुनिया के बड़े मंच पर तिरंगा लहराया। आखिरी पलों में मिली इन जीतों ने भारत को टॉप 4 देशों की लिस्ट में बनाए रखा, जो आने वाले समय में देश के खेल जगत के लिए एक बड़ा बूस्ट साबित होगा।

