Asian Games 2026: रिंग में रोशिबिना देवी का जलवा, वुशु में जीता सिल्वर; रच दिया इतिहास
4:54 PM, Sep 24, 2026
R Express भारत
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एशियाई खेलों से भारत के खेल प्रेमियों के लिए एक बेहद शानदार और जोश भर देने वाली खबर आई है। भारत की धाकड़ वुशु खिलाड़ी नाओरेम रोशिबिना देवी ने एक बार फिर इंट

sketch by - ( AI )
उत्तर प्रदेश। एशियाई खेलों से भारत के खेल प्रेमियों के लिए एक बेहद शानदार और जोश भर देने वाली खबर आई है। भारत की धाकड़ वुशु खिलाड़ी नाओरेम रोशिबिना देवी ने एक बार फिर इंटरनेशनल लेवल पर तिरंगे का मान बढ़ाया है। उन्होंने महिलाओं के 60 किलोग्राम सांडा वर्ग के एक कड़े मुकाबले में बेहतरीन खेल दिखाते हुए देश की झोली में रजत पदक डाल दिया है।
हालांकि, गोल्ड मेडल के लिए हुए फाइनल मुकाबले में रोशिबिना को चीन की मजबूत फाइटर झांग शियाओयू से 0-2 से हार का सामना करना पड़ा। चीन की खिलाड़ी ने शुरुआत से ही तगड़ा होल्ड बना लिया था, जिसके चलते रोशिबिना को इस बार सिल्वर मेडल से ही संतोष करना पड़ा। लेकिन इस हार के बाद भी रोशिबिना ने जो इतिहास रचा है, उसने पूरे देश को झूमने पर मजबूर कर दिया है।
लगा दी पदकों की अनोखी हैट्रिक
इस सिल्वर मेडल को गले में सजाते ही रोशिबिना देवी ने एशियाई खेलों के इतिहास में एक ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है, जो आज तक कोई भारतीय महिला खिलाड़ी नहीं कर पाई। वह एशियन गेम्स के वुशु इतिहास में लगातार तीन मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं। इससे पहले उन्होंने साल 2018 के जकार्ता खेलों में ब्रॉन्ज (कांस्य) और पिछले साल हांग्जो में हुए खेलों में भी सिल्वर मेडल जीता था।
रोशिबिना की इस कामयाबी की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। आपको जानकर हैरानी होगी कि वह शुरुआत में इस बार की मुख्य भारतीय टीम का हिस्सा भी नहीं थीं। लेकिन ऐन वक्त पर टीम की एक अन्य खिलाड़ी के चोटिल होने के बाद रोशिबिना को मौका मिला। तैयारी के लिए बहुत ही कम समय मिला था, लेकिन इस चैंपियन खिलाड़ी ने रिंग में उतरकर साबित कर दिया कि शेरनी को दहाड़ने के लिए किसी खास मौके की जरूरत नहीं होती।
मेडल टैली में भारत का बढ़ता दम
रोशिबिना देवी की इस चमचमाती कामयाबी के साथ ही इन खेलों में भारत के कुल पदकों का आंकड़ा अब 14 पर पहुंच गया है, जिसमें 1 गोल्ड, 6 सिल्वर और 7 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। भारत के एथलीट लगातार अलग-अलग खेलों में कमाल कर रहे हैं और आने वाले दिनों में पदकों की यह संख्या और तेजी से बढ़ने वाली है।

