अयोध्या दीपोत्सव: 30 लाख दीयों का नया वर्ल्ड रिकॉर्ड
1:53 PM, Nov 7, 2026
R Express भारत
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छोटी दिवाली और नरक चतुर्दशी के पावन मौके पर राम नगरी अयोध्या ने एक बार फिर पूरी दुनिया में अपनी सांस्कृतिक चमक का लोहा मनवाया है। इस साल का दीपोत्सव बेहद

photo by - ( chat GPT )
उत्तर प्रदेश। छोटी दिवाली और नरक चतुर्दशी के पावन मौके पर राम नगरी अयोध्या ने एक बार फिर पूरी दुनिया में अपनी सांस्कृतिक चमक का लोहा मनवाया है। इस साल का दीपोत्सव बेहद खास और ऐतिहासिक बन गया है, क्योंकि सरयू नदी के 56 अलग-अलग घाटों पर एक साथ 30 लाख से ज्यादा मिट्टी के दीये जलाकर एक नया विश्व रिकॉर्ड कायम किया गया है। पूरी अयोध्या नगरी लाखों दीयों की रोशनी से इस तरह जगमगा उठी, मानो साक्षात त्रेतायुग धरती पर उतर आया हो। इस महा-आयोजन ने पिछले साल के 26.17 लाख दीयों के अपने ही रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।
इस बार उत्सव का आकर्षण सिर्फ जमीन पर टिमटिमाते दीये ही नहीं थे, बल्कि आसमान में भी एक अनोखा नजारा देखने को मिला। करीब 2,100 स्वदेशी ड्रोन्स की मदद से आसमान में एक भव्य शो आयोजित किया गया। इन आधुनिक ड्रोन्स ने हवा में तैरते हुए रामायण के अलग-अलग प्रसंगों, जैसे प्रभु श्रीराम का वनवास, लंका दहन और अयोध्या वापसी के दृश्यों को बेहद खूबसूरती से उकेरा। लेजर लाइट्स, डिजिटल आतिशबाजी और संगीत के इस संगम को देखकर वहां मौजूद लाखों भक्त मंत्रमुग्ध हो गए।
इस ऐतिहासिक कामयाबी के पीछे हजारों लोगों की कड़ी मेहनत छिपी है। राम की पैड़ी सहित तमाम घाटों पर दीयों को करीने से सजाने के लिए अवध यूनिवर्सिटी के छात्रों और स्थानीय लोगों सहित लगभग 35,000 वॉलिंटियर्स ने दिन-रात एक कर दिया। शाम होते ही जैसे ही सभी दीयों को एक साथ रोशन किया गया, पूरा सरयू तट 'जय श्री राम' के उद्घोष से गूंज उठा। इसके साथ ही, 2,151 से अधिक पुजारियों और संतों ने सरयू नदी के तट पर एक साथ महाआरती की, जो अपने आप में एक दिव्य अनुभव था।
इस बार का कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बेहद खास रहा। भारत के कोने-कोने से आए कलाकारों के साथ-साथ थाईलैंड, श्रीलंका, लाओस, नेपाल और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों के करीब 2,500 सांस्कृतिक कलाकारों ने यहां हिस्सा लिया। इन विदेशी कलाकारों ने अलग-अलग मंचों पर रामलीला का मंचन किया, जिसने यह साबित कर दिया कि प्रभु राम की महिमा सिर्फ भारत तक सीमित नहीं बल्कि वैश्विक है। इस भव्य पल के गवाह बनने के लिए देश-विदेश से भारी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे हुए हैं।


