मड़ियांव में बीकॉम के छात्र ने लगाई फांसी, पिता के एक्सीडेंट से चल रहा था परेशान
2:22 PM, Jun 3, 2026
R Express भारत
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मड़ियांव के केशव नगर इलाके में रहने वाले बीकॉम फाइनल ईयर के छात्र 24 वर्षीय महेंद्र कुमार यादव ने घर के भीतर फंदे से लटककर अपनी जान दे दी। घटना की जानकारी द

मड़ियांव में बीकॉम के छात्र ने लगाई फांसी सौ0 RExpress भारत
लखनऊ। मड़ियांव के केशव नगर इलाके में रहने वाले बीकॉम फाइनल ईयर के छात्र 24 वर्षीय महेंद्र कुमार यादव ने घर के भीतर फंदे से लटककर अपनी जान दे दी। घटना की जानकारी दोपहर के समय उस वक्त हुई जब मृतक का छोटा भाई सोकर उठा। आनन-फानन में परिजन उसे बक्शी का तालाब स्थित सौ शैया अस्पताल लेकर भागे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस हादसे के बाद से पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
मूल रूप से केशव नगर निवासी देवी प्रसाद सब्जी बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनका बड़ा बेटा महेंद्र केकेसी डिग्री कॉलेज से बीकॉम फाइनल ईयर की पढ़ाई कर रहा था। परिजनों के मुताबिक, महेंद्र पिछले काफी समय से मानसिक तनाव से जूझ रहा था। बीते साल जून के महीने में उसका एक भीषण एक्सीडेंट हो गया था। इस हादसे में उसे गंभीर चोटें आई थीं, जिसके बाद से वह शारीरिक और मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगा था।
महेंद्र अभी इस दर्द से उबर भी नहीं पाया था कि बीते 19 मई को परिवार पर एक और मुसीबत टूट पड़ी। उसके पिता देवी प्रसाद का आगरा एक्सप्रेसवे पर एक्सीडेंट हो गया। पिता के इस हादसे ने महेंद्र को पूरी तरह झकझोर कर रख दिया। वह पिता की हालत और घर की परिस्थितियों को लेकर लगातार गहरी चिंता में डूबा रहता था। घर के लोगों ने उसे कई बार संभालने की कोशिश की, लेकिन उसके दिमाग पर तनाव पूरी तरह हावी हो चुका था। तीन साल पहले उसकी मां शारदा की भी एक गंभीर बीमारी के चलते मौत हो चुकी थी, जिससे वह पहले ही अंदर से टूट चुका था।
रोजाना की तरह मंगलवार सुबह पिता देवी प्रसाद अपनी दुकान पर सब्जी बेचने चले गए थे। घर पर महेंद्र और उसका छोटा भाई आकाश मौजूद थे। दोपहर करीब साढ़े बारह बजे जब आकाश सोकर उठा, तो उसने कमरे में महेंद्र को नहीं पाया। वह ढूंढते हुए घर के पिछले हिस्से में गया। वहां का नजारा देखते ही उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। महेंद्र फंदे से लटका हुआ था। आकाश ने तुरंत शोर मचाकर आसपास के लोगों को इकट्ठा किया और भाई को नीचे उतारा। उस वक्त महेंद्र की नब्ज चल रही थी। लोग उसे तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की छानबीन शुरू कर दी है।

