शहीद पथ पर बाराबंकी के डीसीएम चालक की मौत, परिवार का इकलौता सहारा छिना
3:26 PM, Aug 14, 2026
R Express भारत
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लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले तेलीबाग के पास शहीद पथ पर शुक्रवार की भोर में एक अत्यंत दुखद मार्ग दुर्घटना सामने आई है।

शहीद पथ पर दर्दनाक सड़क हादसा फोटो सौ0 RExpress भारत
उत्तर प्रदेश। लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले तेलीबाग के पास शहीद पथ पर शुक्रवार की भोर में एक अत्यंत दुखद मार्ग दुर्घटना सामने आई है। फैजाबाद मार्ग की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार डीसीएम सड़क किनारे पहले से खड़े एक अनियंत्रित और खराब ट्रक में पीछे से बेहद जोरदार तरीके से टकरा गई। इस भीषण टक्कर के परिणामस्वरूप डीसीएम के परखच्चे उड़ गए और उसके चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान 27 वर्षीय अर्जुन यादव के रूप में हुई है, जो बाराबंकी जिले के सतरिख थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम देवीहा पुरवा का निवासी था।
तड़के हुआ दर्दनाक हादसा
स्थानीय पुलिस प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना शुक्रवार सुबह लगभग ढाई बजे घटित हुई। शहीद पथ पर उतरेठिया के समीप एक मालवाहक ट्रक रात में तकनीकी खराबी आने के कारण बीच रास्ते में खड़ा था। ट्रक का चालक वाहन को दुरुस्त करने का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान सुल्तानपुर/फैजाबाद की दिशा से आ रही डीसीएम, जो ट्रांसपोर्ट नगर की तरफ जा रही थी, अचानक अनियंत्रित होकर खड़े ट्रक के पिछले हिस्से में जा घुसी। टक्कर इतनी भयावह थी कि डीसीएम का अगला हिस्सा पूरी तरह पिचक गया और चालक अर्जुन यादव केबिन के मलबे में बुरी तरह फंस गया।
कड़ी मशक्कत के बाद निकाला गया शव
हादसे की सूचना मिलते ही पीजीआई थाने के इंस्पेक्टर सुनील सिंह अपनी पुलिस टीम के साथ तुरंत घटना स्थल पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने स्थानीय नागरिकों की सहायता से काफी प्रयासों और कड़ी मशक्कत के बाद केबिन को काटकर घायल चालक को बाहर निकाला। हालांकि, तब तक अत्यधिक खून बह जाने और गंभीर चोटों के कारण युवक की सांसें थम चुकी थीं। पुलिस ने तत्काल शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को क्रेन की मदद से हाईवे से हटवाकर यातायात को सुचारू रूप से बहाल कराया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
इस दुखद घटना की खबर जैसे ही बाराबंकी में अर्जुन के पैतृक गांव पहुंची, वहां कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के पिता रविकरण पेशे से एक साधारण किसान हैं। अर्जुन अपने पांच भाई-बहनों में सबसे बड़ा था और अभी तक अविवाहित था। वह डीसीएम चलाकर जो आजीविका कमाता था, उसी से उसके पूरे परिवार का भरण-पोषण और घर का खर्च चलता था। अर्जुन की आकस्मिक मृत्यु से उसकी मां रूपरानी, छोटे भाई अजय व ब्रजेश, और बहनें मौसमी तथा रोशनी पूरी तरह टूट चुके हैं। परिवार के सामने अब जीवन-यापन का एक बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

