हफ्ते भर जिंदगी और मौत से जूझने के बाद बाराबंकी के युवक ने तोड़ा दम, दोस्त की हालत गंभीर
5:01 PM, Aug 4, 2026
R Express भारत
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लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके में पिछले रविवार को हुए एक भयानक सड़क हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार को कभी न भूलने वाला जख्म दे दिया है।

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लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके में पिछले रविवार को हुए एक भयानक सड़क हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार को कभी न भूलने वाला जख्म दे दिया है। तेज रफ्तार कार की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हुए बाराबंकी के 33 वर्षीय युवक शैलेश ने आखिरकार अस्पताल में दम तोड़ दिया। शैलेश ने हादसे के वक्त हेलमेट पहन रखा था, लेकिन कार की टक्कर इतनी जोरदार थी कि हेलमेट भी उसकी जान नहीं बचा सका। वहीं, इस हादसे में घायल उसके दोस्त सुनील की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है।
काम पर जाते समय हुआ हादसा
मिली जानकारी के मुताबिक, बाराबंकी के जहांगीराबाद स्थित मनपुरवा गांव का रहने वाला शैलेश अपने दोस्त सुनील के साथ मिलकर लोहे का जाल बांधने का काम करता था। बीते रविवार सुबह करीब 9 बजे, दोनों अपनी मोटरसाइकिल से किसी काम के सिलसिले में हरदोई जा रहे थे। जैसे ही उनकी बाइक ठाकुरगंज इलाके में पहुंची, तभी सामने से आ रही एक अनियंत्रित कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही दोनों सड़क पर दूर जा गिरे और लहूलुहान हो गए।
अस्पताल में थमी सांसें
हादसे के तुरंत बाद राहगीरों और स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को आनन-फानन में इलाज के लिए केजीएमयू के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया। शैलेश के बड़े भाई प्रमोद ने बताया कि डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन लगभग छह दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ने के बाद शनिवार को शैलेश की सांसें थम गईं। वहीं, उनके साथी सुनील का इलाज अभी भी अस्पताल में चल रहा है और उनकी स्थिति पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
शैलेश की मौत की खबर मिलते ही उनके गांव मनपुरवा में मातम छा गया है। पिता राजाराम और मां राम रानी का रो-रोकर बुरा हाल है। भाइयों में दूसरे नंबर पर रहने वाला शैलेश अभी अविवाहित था और अपने काम के जरिए परिवार की आर्थिक मदद करता था। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर है और परिजनों का रोना देख हर किसी की आंखें नम हैं।

