BHEL चांदी कांड: 71 लाख की हेराफेरी में CBI की एंट्री, बड़े अधिकारी नपे
3:59 PM, Sep 19, 2026
R Express भारत
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।हरियाणा के गुरुग्राम से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ सरकारी कंपनी भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड के सोलर प्लांट से करीब 71 लाख रुपये कीम

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उत्तर प्रदेश।हरियाणा के गुरुग्राम से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ सरकारी कंपनी भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड के सोलर प्लांट से करीब 71 लाख रुपये कीमत की 31.65 किलोग्राम चांदी रहस्यमयी तरीके से गायब हो गई है। इस बड़े घपले के सामने आने के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो ने एक्शन लेते हुए प्लांट के पूर्व मुखिया और कई बड़े अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
कैसे खुली चांदी चोरी होने की पोल?
यह पूरा मामला गुरुग्राम के सेक्टर-26 में स्थित बीएचईएल के 'एमॉर्फस सिलिकॉन सोलर सेल प्लांट' का है। इस प्लांट में सोलर पैनल और सेल बनाने का काम होता है, जिसमें चांदी का इस्तेमाल किया जाता है। कंपनी के कागजात के मुताबिक, साल 2016-17 से लेकर 2020 तक प्लांट की तिजोरी में करीब 35.6 किलोग्राम चांदी सुरक्षित रखी हुई थी।
मामला तब बिगड़ा जब इस साल 6 फरवरी 2024 को विभाग के कुछ अधिकारियों ने तिजोरी को खोलकर चांदी की गिनती की। जब वहां रखी चांदी को तौला गया, तो सबके होश उड़ गए। लॉकर के अंदर 35.6 किलो की जगह सिर्फ 6.23 किलोग्राम चांदी ही बची थी। बाकी की 31.65 किलोग्राम चांदी गायब थी, जिसकी बाजार में कीमत करीब 71 लाख रुपये आंकी गई है।
बड़े अधिकारियों पर गिरी गाज, जांच में खुलीं कई परतें
चांदी गायब होने की भनक लगते ही मामला देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई के पास पहुंचा। सीबीआई ने जब इस मामले की अंदरूनी पड़ताल की, तो पता चला कि यह कोई साधारण चोरी नहीं है, बल्कि इसके पीछे कंपनी के ही कुछ बड़े चेहरों का हाथ है।
सीबीआई ने इस मामले में प्लांट के तत्कालीन बॉस और एडिशनल जनरल मैनेजर डॉ. भारत कुमार पंत, मटीरियल मैनेजमेंट के इन-चार्ज आशीष कुमार और कुछ अन्य स्टाफ सदस्यों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की है।
जांच में सामने आया है कि साल 2018 तक तो प्लांट में चांदी के स्टॉक की हर साल ठीक से गिनती और जांच होती थी। लेकिन साल 2019 में जैसे ही डॉ. भारत कुमार पंत ने प्लांट के हेड का पद संभाला, उन्होंने चांदी की सालाना जांच कराने का नियम ही बंद कर दिया। इतना ही नहीं, जब सीबीआई ने कंपनी के पुराने कागजात मांगे, तो पता चला कि कई सालों के स्टॉक रजिस्टर और जरूरी फाइलें भी गायब कर दी गई हैं, ताकि सच कभी सामने न आ सके।
सबूत मिटाने और धोखाधड़ी का केस दर्ज
सीबीआई ने शुरुआती सबूतों के आधार पर नामजद अधिकारियों के खिलाफ कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इन अधिकारियों पर आपस में मिलकर साजिश रचने, सरकारी संपत्ति में हेराफेरी करने और पकड़े जाने के डर से जरूरी कागजात व सबूत मिटाने के गंभीर आरोप लगे हैं।
फिलहाल, सीबीआई की टीम इस बात का पता लगाने में जुटी है कि तिजोरी से निकाली गई इस चांदी को कहां बेचा गया और इस खेल में कंपनी के अंदर या बाहर के और कौन-कौन से लोग शामिल हैं। इस कार्रवाई के बाद से बीएचईएल के कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।

