चिनहट पुलिस का बड़ा एक्शन, नाबालिग को मोहरा बनाकर चोरी कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश
7:00 PM, Jun 14, 2026
R Express भारत
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चिनहट थाना पुलिस ने एक बेहद संवेदनशील और शातिराना चोरी के मामले का खुलासा करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही इस वारदात में शामिल द

नाबालिग को मोहरा बनाकर चोरी कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश सौ0 RExpress भारत
लखनऊ। चिनहट थाना पुलिस ने एक बेहद संवेदनशील और शातिराना चोरी के मामले का खुलासा करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही इस वारदात में शामिल दो नाबालिगों को भी पुलिस संरक्षण में लिया गया है। पकड़े गए बदमाशों ने एक नाबालिग बच्चे को अपने जाल में फंसाकर उसके ही घर में लाखों रुपये की चोरी की वारदात को अंजाम दिलवाया था। पुलिस ने आरोपियों के पास से भारी मात्रा में कैश और सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए हैं।
बहला-फुसलाकर घर में ही कराई चोरी
यह पूरा मामला चिनहट क्षेत्र की संगम सिटी कॉलोनी का है। पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़ित राजेश प्रसाद ने बताया था कि, कुछ शातिर तत्वों ने उनके नाबालिग बेटे को अपने प्रभाव में ले लिया था। आरोपियों ने बच्चे को डरा-धमकाकर और बहला-फुसलाकर घर में रखे कीमती सामान और नकदी साफ करवा दी। जब परिवार को इस बात की भनक लगी और उन्होंने विरोध किया, तो आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के निर्देश पर चिनहट पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
मुखबिर की सटीक सूचना और तकनीकी सर्विलांस की मदद से चिनहट पुलिस टीम ने रविवार को हरदासी खेड़ा तिराहे के पास घेराबंदी की। पुलिस ने मौके से दो शातिर अभियुक्तों को धर दबोचा, जिनकी पहचान सुधांशु यादव और लकी यादव के रूप में हुई है। पकड़े गए आरोपियों में से लकी यादव का पुराना आपराधिक इतिहास भी सामने आया है, जिसके खिलाफ चिनहट थाने में पहले से मुकदमे दर्ज हैं।
एक लाख कैश और सोने के जेवर बरामदपुलिस की कड़ी पूछताछ के बाद आरोपियों की निशानदेही पर चोरी का माल बरामद किया गया। पुलिस ने इनके पास से एक लाख रुपये की नकदी, एक सोने की चेन, एक जोड़ी झुमकी, कान की बाली और घटना में इस्तेमाल मोबाइल फोन बरामद किया है। इस कामयाब कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में उपनिरीक्षक संजीव कुमार, धीरेंद्र कुमार राय और विशाल यादव शामिल रहे। पुलिस ने दोनों बालिग आरोपियों को जेल भेज दिया है, जबकि बाल अपचारियों को नियमानुसार बाल सुधार गृह भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।

