ग्लोबल मार्केट में बड़ा धमाका: अमेरिका-चीन के बीच हुआ अरबों का सौदा, AI पर अड़े डोनाल्ड ट्रंप
5:03 PM, Sep 27, 2026
R Express भारत
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दुनिया के दो सबसे बड़े बाजारों यानी अमेरिका और चीन के बीच चल रही तनातनी अब कुछ कम होती दिख रही है। दोनों देशों के बीच करीब 30 अरब डॉलर के सामान पर टैक्स कम

sketch by - ( AI )
उत्तर प्रदेश। दुनिया के दो सबसे बड़े बाजारों यानी अमेरिका और चीन के बीच चल रही तनातनी अब कुछ कम होती दिख रही है। दोनों देशों के बीच करीब 30 अरब डॉलर के सामान पर टैक्स कम करने को लेकर एक बड़ी डील फाइनल हो गई है। इसके साथ ही आगे के धंधे और कामकाज को आसान बनाने के लिए दोनों पक्ष मिलकर एक खास 'ट्रेड काउंसिल' यानी व्यापारिक ग्रुप बनाने पर भी राजी हो गए हैं। यह फैसला चीनी नेता शी जिनपिंग के तीन दिनों के अमेरिकी दौरे और वहां डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई आमने-सामने की लंबी मुलाकात के बाद आया है।
अनलॉक हुआ व्यापार का नया रास्ता
इस नए सौदे के तहत तय हुआ है कि दोनों देश एक-दूसरे के यहां से आने वाले करीब 30 अरब डॉलर के उन सामानों पर टैक्स घटाएंगे, जो बहुत ज्यादा संवेदनशील नहीं हैं। इससे खेती-किसानी और एनर्जी सेक्टर से जुड़े कारोबारियों को बड़ी राहत मिलेगी। बाजार के जानकारों का मानना है कि पिछले काफी समय से दोनों मुल्कों के बीच जो कमर्शियल वॉर चल रही थी, यह कदम उसे शांत करने की दिशा में एक बड़ा बूस्टर साबित होगा। नया ट्रेड काउंसिल बनने से अब कंपनियों के लिए सीमा पार माल भेजना और आपसी विवादों को निपटाना काफी आसान हो जाएगा।
AI पर छिड़ी नई बहस, ट्रंप ने लिया कड़ा स्टैंड
भले ही पैसे और व्यापार के मामले पर दोनों के बीच हाथ मिल गया हो, लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के मुद्दे पर डोनाल्ड ट्रंप ने एकदम सख्त रुख अपना लिया है। ट्रंप ने चीन के साथ मिलकर एआई सेक्टर में काम करने से साफ मना कर दिया है। अमेरिकी खेमे का मानना है कि आज के दौर में एआई सिर्फ तकनीक नहीं, बल्कि सुरक्षा और वर्चस्व की चाबी है। ट्रंप अपनी इस टेक बढ़त को किसी भी कीमत पर चीन के साथ शेयर नहीं करना चाहते। हालांकि, दोनों पक्ष इस तकनीक से जुड़े खतरों पर बातचीत जारी रखने और इसके लिए एक कम्युनिकेशन चैनल बनाने को तैयार हुए हैं।
क्या होगा आपकी जेब और बाजार पर असर?
इस महा-समझौते का सीधा असर ग्लोबल मार्केट और शेयर बाजारों पर दिखने लगा है। बड़ी कंपनियों को उम्मीद है कि अब उनकी मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन की लागत कम होगी। टेक सेक्टर से लेकर रिटेल मार्केट तक, इस फैसले से हर जगह हलचल तेज है। आने वाले दिनों में इसका असर भारतीय बाजार और यहां की कंपनियों पर भी देखने को मिल सकता है।

