सक्ती में बड़ा उत्सव: शिवराज सिंह ने 2 लाख परिवारों को सौंपी नए घरों की चाबी
4:29 PM, Sep 11, 2026
R Express भारत
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छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के जेठा गांव में बुधवार को एक बड़ा और भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान औ

photo by - (CHAT GPT )
उत्तर प्रदेश। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के जेठा गांव में बुधवार को एक बड़ा और भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एक साथ मंच साझा किया। कार्यक्रम की सबसे बड़ी बात यह रही कि राज्य के करीब 2 लाख गरीब परिवारों को उनके खुद के पक्के मकान की चाबियां सौंपी गईं। गृह प्रवेश के इस महा-उत्सव से लाखों परिवारों के चेहरे पर खुशी साफ देखी जा सकती थी।
गांवों की सूरत बदलने के लिए ₹122 करोड़ का बजट
इस बड़े आयोजन में सिर्फ मकान ही नहीं बांटे गए, बल्कि ग्रामीण इलाकों की तस्वीर बदलने के लिए करोड़ों रुपये के नए कामों की नींव भी रखी गई। मंत्रियों ने कुल मिलाकर 122 करोड़ रुपये से ज्यादा के 39 अलग-अलग विकास कार्यों की शुरुआत की और कुछ पूरे हो चुके प्रोजेक्ट्स जनता को समर्पित किए। इससे आने वाले दिनों में सक्ती और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पानी और बुनियादी सुविधाएं काफी बेहतर हो जाएंगी।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और खेती को बढ़ावा देने की नई पहल
मंच से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने और गांवों में रोजगार बढ़ाने पर खास जोर दिया गया। इसके लिए दो नए जमीनी अभियान शुरू किए गए हैं,इसका मकसद ग्रामीण इलाकों में पानी की कमी को दूर करना और जल संरक्षण को बढ़ावा देना है। इसके तहत ग्रामीण परिवारों को अपने घर की बाड़ी में फल-सब्जियां उगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
इसके साथ ही, कार्यक्रम के दौरान 'लखपति दीदी' और पंचायत प्रतिनिधियों का एक बड़ा सम्मेलन भी हुआ। इसमें उन महिलाओं की सराहना की गई जो स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर हर साल एक लाख रुपये से ज्यादा की कमाई कर रही हैं।
नेताओं ने क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हर गरीब का अपना एक पक्का घर होना उसका हक है और सरकार इस वादे को पूरा करने के लिए तेजी से काम कर रही है। वहीं, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भरोसा दिलाया कि राज्य के हर जरूरतमंद तक विकास की योजनाएं बिना किसी भेदभाव के पहुंचाई जाएंगी। इस पूरे कार्यक्रम में हजारों की संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग शामिल हुए, जिससे पूरा माहौल किसी बड़े त्योहार जैसा नजर आया।

