अयोध्या राम मंदिर में बड़ा बदलाव: एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा संभालेंगे मुख्य कमान, ट्रस्ट की बैठक में मुहर
5:11 PM, Sep 2, 2026
R Express भारत
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उत्तर प्रदेश की पावन नगरी अयोध्या में स्थित श्रीराम जन्मभूमि परिसर की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए एक बहुत बड़ा फैसला लिया गया है।

आयोध्या राम मंदिर की फोटो सौ0 google
उत्तर प्रदेश की पावन नगरी अयोध्या में स्थित श्रीराम जन्मभूमि परिसर की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए एक बहुत बड़ा फैसला लिया गया है। यहां के मंदिर प्रबंधन को पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त करने के उद्देश्य से पहली बार एक मुख्य कार्यपालक अधिकारी की नियुक्ति की गई है। इस बेहद महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए भारतीय वायुसेना के पूर्व दिग्गज अधिकारी एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नाम को फाइनल किया गया है।
बैठक में सबकी सहमति से हुआ निर्णय
बुधवार को अयोध्या के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल मणिरामदास छावनी में एक बेहद खास बैठक का आयोजन हुआ। इस बैठक की अगुवाई महंत नृत्यगोपालदास ने की, जिसमें मंदिर समिति से जुड़े तमाम बड़े और सम्मानित चेहरे शामिल हुए थे। बैठक के दौरान जब नए प्रबंधन प्रमुख की बात आई, तो सभी सदस्यों ने एक सुर में एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नाम पर अपनी रजामंदी दे दी। आपको बता दें कि इस पद के लिए देश के कोने-कोने से लगभग 5 हजार से ज्यादा लोगों ने इच्छा जताई थी, जिनमें से काफी जांच-परख के बाद जितेंद्र मिश्रा के नाम को सबसे सही माना गया।
आखिर क्यों चुना गया जितेंद्र मिश्रा को?
जितेंद्र मिश्रा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले हैं। वायुसेना में करीब चार दशकों तक सेवा देने वाले मिश्रा के पास बड़े अभियानों को संभालने का एक लंबा और शानदार अनुभव है। वे वायुसेना की पश्चिमी कमान के मुखिया भी रह चुके हैं और उन्होंने सेना के कई प्रमुख ऑपरेशन्स (जैसे ऑपरेशन सिंदूर) में मुख्य भूमिका निभाई थी। उनकी इसी सूझबूझ, कड़े अनुशासन और बड़े स्तर पर मैनेजमेंट संभालने की काबिलियत को देखते हुए उन्हें इस पावन धाम की व्यवस्थाओं की बागडोर सौंपी गई है।
क्या होगी नई जिम्मेदारी?
मंदिर परिसर में हर दिन देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु आ रहे हैं। ऐसे में नए सीईओ के कंधों पर भक्तों की सुख-सुविधाओं का ध्यान रखना, परिसर की सुरक्षा को चाक-चौबंद करना, दान-दक्षिणा के हिसाब-किताब को पारदर्शी बनाना और वहां काम करने वाले कर्मचारियों की देखरेख करना शामिल होगा। हालांकि, वे मंदिर से जुड़े धार्मिक मामलों या पूजा-पाठ की परंपराओं में कोई दखल नहीं देंगे; वह जिम्मेदारी पहले की तरह संतों और पुजारियों के पास ही रहेगी।
प्रबंधन मंडल में कुछ और नए चेहरे भी शामिल
इस बैठक में सिर्फ सीईओ ही नहीं, बल्कि प्रबंधन की खाली पड़ी सीटों को भरने के लिए तीन नए सदस्यों को भी जोड़ा गया है। इनमें महेश भागचंदका, निर्मला यादव और मदन मोहन पांडेय के नाम शामिल हैं, जो अब मंदिर के विकास कार्यों में अपनी सेवाएं देंगे। इस नए बदलाव से उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में राम मंदिर का कामकाज और भी ज्यादा पारदर्शी और सुगम हो जाएगा।

