तमिलनाडु में बड़ा फैसला; महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स को मुफ्त बस सफर का तोहफा
5:18 PM, Oct 2, 2026
R Express भारत
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तमिलनाडु में महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय के सफर को और आसान बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। गांधी जयंती के मौके पर राज्य के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ व

sketch by - ( AI )
तमिलनाडु में महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय के सफर को और आसान बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। गांधी जयंती के मौके पर राज्य के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने मुफ्त बस यात्रा योजना 'वेत्री पयनम थिटम'के नए और बड़े चरण की शुरुआत की है। इस पहल को जमीन पर उतारने के लिए मुख्यमंत्री खुद चेन्नई की एक आम बस में सवार हुए और वहां सफर कर रही महिला यात्रियों को अपने हाथों से मुफ्त टिकट बांटे। इस कदम के बाद से ही सोशल मीडिया से लेकर जमीन तक सरकार के इस फैसले की काफी चर्चा हो रही है।
सफर की चिंता से मिलेगी बड़ी राहत
इस योजना का मुख्य मकसद महिलाओं और ट्रांसजेंडर समाज के लोगों को आने-जाने के खर्च से पूरी तरह आजादी देना है। कामकाजी महिलाओं, पढ़ाई करने वाली छात्राओं और रोजमर्रा के कामों के लिए बाहर निकलने वाले लोगों के लिए बस का किराया एक बड़ा खर्च होता है। अब इस मुफ्त यात्रा के जरिए हर महीने उनके पैसों की मोटी बचत होगी, जिसका इस्तेमाल वे अपने परिवार की दूसरी जरूरतों या अपनी पढ़ाई पर कर सकेंगे।
चेन्नई की बस में खुद पहुंचे मुख्यमंत्री
योजना के विस्तारित चरण को लॉन्च करने का अंदाज भी काफी अलग रहा। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय बिना किसी तामझाम के चेन्नई में रूट की एक सामान्य बस में चढ़ गए। उन्होंने न सिर्फ यात्रियों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना, बल्कि खुद उन्हें जीरो-प्राइस टिकट भी दिए। बस में मौजूद यात्रियों के लिए यह एक बड़ा सरप्राइज था। लोगों का कहना है कि इस तरह सीधे जनता के बीच पहुंचकर योजना शुरू करने से यह साफ होता है कि प्रशासन इस बदलाव को लेकर कितना गंभीर है।
समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ाने की कोशिश
इस पहल के जरिए न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश की जा रही है, बल्कि ट्रांसजेंडर समुदाय को भी समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की एक अच्छी पहल की गई है। अक्सर आर्थिक तंगी और भेदभाव की वजह से इस वर्ग के लोगों को आगे बढ़ने में दिक्कत आती है, लेकिन मुफ्त सफर की इस सुविधा से उन्हें रोजगार और शिक्षा के नए अवसर तलाशने में काफी मदद मिलेगी।
यह नया चरण आने वाले दिनों में पूरे राज्य के परिवहन सिस्टम को और बेहतर बनाएगा। इसके जरिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को सार्वजनिक बसों का इस्तेमाल करने के लिए बढ़ावा मिलेगा, जिससे सड़कों पर ट्रैफिक और प्रदूषण दोनों में कमी आने की उम्मीद है।

