लखनऊ में आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट अभ्यर्थियों का बड़ा प्रदर्शन: मंत्री दयाशंकर दयालु के आवास का घेराव
12:22 PM, Jun 4, 2026
R Express भारत
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उत्तर प्रदेश में लंबे समय से लंबित पड़ी भर्तियों को लेकर युवाओं का धैर्य अब जवाब देने लगा है। इसी क्रम में राजधानी लखनऊ से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां

परीक्षा तिथि घोषित करने की मांग सौ0 RExpress भारत
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लंबे समय से लंबित पड़ी भर्तियों को लेकर युवाओं का धैर्य अब जवाब देने लगा है। इसी क्रम में राजधानी लखनऊ से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट भर्ती परीक्षा की तारीखें घोषित करने की मांग को लेकर सैकड़ों की संख्या में अभ्यर्थियों ने सड़क पर उतरकर अपना आक्रोश दर्ज कराया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह 'दयालु' के सरकारी आवास का घेराव किया और जमकर नारेबाजी की। अभ्यर्थियों का साफ कहना है कि विज्ञापन जारी होने के महीनों बाद भी परीक्षा कार्यक्रम जारी नहीं किया गया है, जिससे हजारों युवाओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है।
अचानक पहुंचे अभ्यर्थी, पुलिस महकमे में मचा हड़कंप
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट अभ्यर्थी सुबह अचानक रणनीति के तहत आयुष मंत्री के आवास के बाहर एकत्रित हो गए। युवाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। वीवीआईपी इलाके में अचानक हुए इस घेराव से स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल और आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन अभ्यर्थी अपनी मांग पर अड़े रहे कि जब तक उन्हें परीक्षा की निश्चित समय-सारणी का ठोस आश्वासन नहीं मिलता, वे वहां से नहीं हटेंगे। काफी मशक्कत और लिखित मांग पत्र लेने के बाद अधिकारियों ने अभ्यर्थियों को शांत कराया।
क्यों भड़का है अभ्यर्थियों का गुस्सा?
प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट के 1,002 पदों के लिए विज्ञापन निकाला गया था। इस भर्ती के लिए यूपी पीईटी उत्तीर्ण हजारों योग्य अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। आवेदन प्रक्रिया पूरी हुए लंबा वक्त बीत चुका है, लेकिन आयोग की ओर से मुख्य परीक्षा की तिथि को लेकर कोई आधिकारिक बयान या नोटिस जारी नहीं किया गया है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया कछुआ गति से चल रही है, जिसके कारण कई उम्मीदवारों की निर्धारित आयु सीमा भी समाप्त होने की कगार पर है।

