राम मंदिर चंदे में हेराफेरी के आरोपों पर JPI और NYRM का हजरतगंज में बड़ा प्रदर्शन
7:21 PM, Jul 7, 2026
R Express भारत
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अयोध्या के राम मंदिर निर्माण के लिए आए चंदे में कथित हेराफेरी का मामला अब सड़कों पर गरमाने लगा है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर जनसत्ता पार्टी ऑफ इंडिया और राष्

लखनऊ में फूटा गुस्सा फोटो सौ0 RExpress भारत
लखनऊ। अयोध्या के राम मंदिर निर्माण के लिए आए चंदे में कथित हेराफेरी का मामला अब सड़कों पर गरमाने लगा है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर जनसत्ता पार्टी ऑफ इंडिया और राष्ट्रवादी युवा अधिकार मंच के कार्यकर्ताओं ने राजधानी लखनऊ के हजरतगंज इलाके में स्थित गांधी प्रतिमा पर इकट्ठा होकर जमकर नारेबाजी की और अपना विरोध दर्ज कराया। इस पूरे प्रदर्शन का नेतृत्व दोनों संगठनों के प्रमुख शशांक शेखर सिंह पुष्कर ने किया। आंदोलनकारियों का साफ कहना है कि राम मंदिर करोड़ों लोगों के भरोसे और आस्था से जुड़ा विषय है, इसलिए इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सनातन बोर्ड' बनाने और आरोपियों को जेल भेजने की उठी मांग
प्रदर्शन के दौरान जेपीआई के सर्वेसर्वा शशांक शेखर सिंह पुष्कर ने केंद्र सरकार के सामने अपनी बात रखते हुए कई बड़ी मांगें रख दी हैं। उन्होंने कहा कि, इस पूरे मामले की सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए। इसके लिए उन्होंने पूरे प्रकरण की सीबीआई या संयुक्त संसदीय समिति से निष्पक्ष जांच कराने की बात कही। इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि राम मंदिर की देखरेख करने वाले ट्रस्ट के सभी सदस्यों का नार्को टेस्ट कराया जाए, ताकि सच और झूठ का फैसला हो सके।संगठन ने वर्तमान ट्रस्ट को तुरंत खत्म करके उसकी जगह एक नए 'सनातन बोर्ड' को बनाने की वकालत की है। प्रदर्शनकारियों ने चंपत राय और अनिल मिश्रा समेत इस मामले से जुड़े सभी संदिग्ध लोगों को तुरंत हिरासत में लेने और जेल भेजने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी इन मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो प्रदेश भर से भारी संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी लखनऊ से अयोध्या के लिए कूच करेंगे।
'जो श्री राम का नहीं, वो किसी काम का नहीं' के लगे नारे
मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए शशांक शेखर सिंह ने कहा कि, राम मंदिर सिर्फ एक ढांचा नहीं, बल्कि देश-विदेश के करोड़ों सनातनी भाई-बहनों की अटूट आस्था का मुख्य केंद्र है। इस मामले में आ रहे आरोपों से जनता की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है और आम लोगों के बीच एक अविश्वास का माहौल बन रहा है। उन्होंने राजनीतिक दलों को नसीहत देते हुए कहा कि इस पवित्र मुद्दे को अपनी राजनीति चमकाने का जरिया न बनाया जाए।हजरतगंज में हुए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान माहौल पूरी तरह गरमाया रहा। कार्यकर्ताओं के हाथों में तख्तियां थीं और वे "चंदा चोरों को गिरफ्तार करो", "जो श्री राम का नहीं वह किसी काम का नहीं", और "जन आस्था के सम्मान में जेपीआई मैदान में" जैसे तीखे नारे लगा रहे थे।
आंदोलन में ये लोग रहे मौजूद
इस बड़े प्रदर्शन में पार्टी और मंच के तमाम बड़े चेहरों ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। शशांक शेखर सिंह पुष्कर के साथ मुख्य रूप से एडवोकेट जेपी सिंह, अशोक पटेल, अजमत उल्ला खां, ममता कश्यप और रबिंदु शुक्ला कंधे से कंधा मिलाकर खड़े दिखे। इनके अलावा राजेश मिश्रा, अरविंद राज, नितेश कुमार, इलियास मंसूरी, अंश सिंह चौहान, विनोद सिंह और अभिषेक पाल सहित सैकड़ों की संख्या में जमीनी कार्यकर्ता इस विरोध का हिस्सा बने और अपनी आवाज बुलंद की।

