बिजली विभाग के बीकेटी डिवीजन में बड़ा मामला, कोटवा गांव में बिना इस्टीमेट लाइन शिफ्ट का आरोप
लखनऊ में बिजली विभाग के बीकेटी डिवीजन अंतर्गत आने वाले कोटवा गांव में नियमों को ताक पर रखकर लाइन शिफ्ट किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि बिना किसी स्वीकृत इस्टीमेट के ही गांव की बिजली लाइन को शिफ्ट किया जा रहा है, जिससे विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
luknow
12:21 PM, Jan 14, 2026
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उत्तर प्रदेश। लखनऊ में बिजली विभाग के बीकेटी डिवीजन अंतर्गत आने वाले कोटवा गांव में नियमों को ताक पर रखकर लाइन शिफ्ट किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि बिना किसी स्वीकृत इस्टीमेट के ही गांव की बिजली लाइन को शिफ्ट किया जा रहा है, जिससे विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
लाभ के चक्कर में दुर्घटनाओं की आशंका
सूत्रों के अनुसार, इस पूरे कार्य में संबंधित जूनियर इंजीनियर (जेई) की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। आरोप है कि, एक प्रॉपर्टी डीलर को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से एबीसी (एरियल बंच कंडक्टर) लाइन की बजाय ओपन कंडक्टर का इस्तेमाल किया जा रहा है। जबकि एबीसी लाइन अधिक सुरक्षित मानी जाती है और ग्रामीण क्षेत्रों में दुर्घटनाओं की आशंका को कम करती है।
भविष्य में बिजली आपूर्ति और सुरक्षा दोनों को लेकर परेशानी
ग्रामीणों का कहना है कि, पहले से गांव में मौजूद लाइन को हटाकर उसे पास की एक सोसाइटी में शिफ्ट किया जा रहा है।, जिससे कोटवा गांव के लोगों को भविष्य में बिजली आपूर्ति और सुरक्षा दोनों को लेकर परेशानी हो सकती है। ओपन कंडक्टर लाइन होने से करंट लगने और हादसों का खतरा भी बढ़ जाता है।
लोगो के द्वारा उठाए जा रहे सवाल
स्थानीय लोगों ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है और सवाल उठाया है कि, बिना इस्टीमेट, बिना लिखित आदेश और बिना पारदर्शिता के यह कार्य आखिर किसके इशारे पर कराया जा रहा है। वहीं, विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी भी कई तरह की आशंकाओं को जन्म दे रही है।अब देखना यह होगा कि बिजली विभाग के उच्च अधिकारी इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और क्या दोषियों पर कोई सख्त कदम उठाया जाता है या मामला यूं ही दबा दिया जाएगा।

