दिल्ली में पीएम मोदी और सीएम योगी की बड़ी बैठक: यूपी चुनाव और सियासी रणनीति पर महामंथन
3:54 PM, Sep 26, 2026
R Express भारत
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उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दिल्ली दौरे पर हैं, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरें

sketch by - ( chat GPT )
उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दिल्ली दौरे पर हैं, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके सरकारी आवास 7 लोक कल्याण मार्ग पर एक बेहद अहम मुलाकात की है। देश और राज्य के दो सबसे बड़े नेताओं के बीच करीब एक घंटे तक बंद कमरे में बैठक चली। इस मुलाकात के बाद से ही देश के सियासी गलियारों में कयासों का बाजार गर्म हो गया है। राजनीतिक पंडित इसे आने वाले चुनावों और उत्तर प्रदेश की नई राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं।
चुनावी रणनीति और टिकटों पर चर्चा की उम्मीद
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस महामंथन में उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी चुनावों को लेकर गहन चर्चा हुई है। राज्य में राज्यसभा और विधान परिषद की खाली सीटों के लिए होने वाले चुनावों को लेकर दोनों नेताओं के बीच बातचीत होने की खबर है। ऐसा माना जा रहा है कि इस बैठक में प्रत्याशियों के नामों और टिकटों के बंटवारे को लेकर भी शुरुआती सहमति बनाने की कोशिश की गई है। इसके साथ ही 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए अभी से जमीन मजबूत करने और संगठन में नए बदलावों को लेकर भी बातचीत हुई है।
सीएम योगी ने बताया शिष्टाचार भेंट, पर मायने हैं बड़े
भले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करके इस मुलाकात को एक 'शिष्टाचार भेंट' बताया हो, लेकिन राजनीति में इस तरह की मुलाकातों के गहरे मायने होते हैं। सीएम योगी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी से मिलकर उन्हें हमेशा नए उत्तर प्रदेश के निर्माण के लिए नई ऊर्जा और मार्गदर्शन मिलता है। हालांकि, जानकारों का कहना है कि विपक्ष की घेराबंदी को तोड़ने और राज्य में डबल इंजन की सरकार को और ज्यादा मजबूत करने के लिए यह बैठक बेहद जरूरी थी।
अमित शाह और नितिन नवीन से भी मिलेंगे योगी
दिल्ली के इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान सीएम योगी सिर्फ प्रधानमंत्री से ही नहीं मिल रहे हैं, बल्कि उनका केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से भी मिलने का कार्यक्रम है। पार्टी अध्यक्ष के साथ होने वाली बैठक में संगठन की मजबूती, नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने के अभियान और सूबे की कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर भी फीडबैक साझा किया जा सकता है।
इस पूरी बैठक का लब्बोलुआब यही है कि दिल्ली से लेकर लखनऊ तक बीजेपी आलाकमान उत्तर प्रदेश को लेकर कोई ढील नहीं छोड़ना चाहता। आने वाले दिनों में इस बैठक का असर उत्तर प्रदेश की जमीनी राजनीति और संगठन के फैसलों में साफ तौर पर देखने को मिल सकता है।

