मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ लखनऊ में सपा का बड़ा बवाल, कार्यकर्ताओं को पुलिस ने उठाया
1:59 PM, Oct 11, 2026
R Express भारत
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लखनऊ का सबसे व्यस्त इलाका हजरतगंज चौराहा उस समय रणक्षेत्र में बदल गया, जब समाजवादी पार्टी युवजन सभा के सैकड़ों कार्यकर्ता अचानक सड़कों पर उतर आए।

हजरतगंज पर चुनाव आयुक्त का फूंका पुतला फोटो सौ0 RExpress भारत
उत्तर प्रदेश।लखनऊ का सबसे व्यस्त इलाका हजरतगंज चौराहा उस समय रणक्षेत्र में बदल गया, जब समाजवादी पार्टी युवजन सभा के सैकड़ों कार्यकर्ता अचानक सड़कों पर उतर आए। कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए चौराहे पर ही उनका पुतला फूंक दिया। इस दौरान भारी भीड़ ने चुनाव आयोग और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिससे पूरे इलाके में लंबा जाम लग गया और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
वोट काटने और धांधली का लगाया गंभीर आरोप
प्रदर्शन कर रहे सपा नेताओं का कहना है कि चुनाव आयोग पूरी तरह से एकतरफा काम कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के नाम पर मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर हेरफेर किया गया है। विपक्ष के समर्थकों और वैध वोटरों के नाम जानबूझकर वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने सीधे तौर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर 'वोटों की चोरी' करने और लोकतंत्र को पूरी तरह खत्म करने का आरोप लगाया। सपा कार्यकर्ताओं का कहना था कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक उनका यह आंदोलन थमेगा नहीं और वे सड़क से लेकर विधानसभा तक अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
पुलिस से तीखी झड़प, घसीटकर बसों में भरा गया
हजरतगंज जैसे अति-संवेदनशील चौराहे पर पुतला दहन और भारी नारेबाजी की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। भारी संख्या में पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा। पुलिसकर्मियों ने जब प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की, तो दोनों पक्षों में तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते यह बहस धक्का-मुक्की और हाथापाई में बदल गई। कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स पर चढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने सख्ती दिखाई।
पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे सपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को बीच सड़क से जबरन घसीटकर हिरासत में लेना शुरू कर दिया। मौके पर पहले से मंगवाई गई बसों में प्रदर्शनकारियों को लादा गया। पुलिस प्रशासन ने चौराहे पर यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को दोबारा बहाल करने के लिए सभी हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को हजरतगंज से हटाकर सीधे ईको गार्डन धरना स्थल भेज दिया। सपा नेताओं ने चेतावनी दी है कि पुलिसिया कार्रवाई से उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता और वे इस लड़ाई को आगे भी जारी रखेंगे।

