नोएडा जीएसटी दफ्तर में मीटिंग के दौरान बड़ा बवाल, बहस के बाद अधिकारी को आया हार्ट अटैक, अस्पताल में भर्ती
7:28 PM, Jun 12, 2026
R Express भारत
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नोएडा से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। यहाँ के सरकारी महकमे में उस समय हड़कंप मच गया, जब स्टेट जीएसटी विभाग की एक आम बैठक अचानक अखाड़े में बदल ग

कैलाश अस्पताल में चल रहा है इलाज सौ0 RExpress भारत
उत्तर प्रदेश।नोएडा से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। यहाँ के सरकारी महकमे में उस समय हड़कंप मच गया, जब स्टेट जीएसटी विभाग की एक आम बैठक अचानक अखाड़े में बदल गई। मिली जानकारी के अनुसार, मीटिंग के दौरान अधिकारियों के बीच जमकर कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते गाली-गलौज तक पहुँच गई। इस भारी तनाव और हंगमे के बीच विभाग के डिप्टी कमिश्नर वेदप्रकाश सिंह की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें मौके पर ही दिल का दौरा पड़ गया, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया।
यह पूरी घटना ग्रेटर नोएडा के जीएसटी कार्यालय की बताई जा रही है, जहाँ रोजाना की तरह कामकाज और काम की प्रगति को लेकर एक समीक्षा बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में एडिशनल कमिश्नर संदीप भागिया और डिप्टी कमिश्नर वेदप्रकाश सिंह समेत कई अन्य अधिकारी मौजूद थे। सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि मीटिंग के दौरान काम के दबाव और अन्य मुद्दों को लेकर अधिकारियों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया और दफ्तर के अंदर ही चीख-पुकार मच गई।
बदसलूकी के गंभीर आरोप
दफ्तर के अंदरूनी सूत्रों और कर्मचारियों का कहना है कि एडिशनल कमिश्नर संदीप भागिया पर अपने से छोटे पद के अधिकारियों के साथ अमर्यादित और खराब व्यवहार करने के आरोप लगे हैं। चर्चा है कि मीटिंग के नाम पर रोज-रोज अधिकारियों को बुलाकर उन पर मानसिक दबाव बनाया जाता है और उनके साथ गलत भाषा का इस्तेमाल किया जाता है। इसी दौरान जब बहस हद से ज्यादा बढ़ गई, तो वेदप्रकाश सिंह इस भारी तनाव को झेल नहीं पाए और अचानक बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े।
वेदप्रकाश सिंह के अचानक गिरते ही दफ्तर में मौजूद बाकी कर्मचारियों के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में उन्हें पास के ही कैलाश अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने पुष्टि की कि, उन्हें हार्ट अटैक आया है। हालत गंभीर होने के कारण उन्हें तुरंत आईसीयू में भर्ती किया गया, जहाँ डॉक्टरों की टीम उनकी सेहत पर लगातार नजर रख रही है। घटना की जानकारी मिलते ही उनके परिवार को भी सूचित कर दिया गया है, जो इस समय अस्पताल पहुँच चुके हैं।
वरिष्ठ अधिकारी की सफाई
इस पूरे मामले पर जब विवादों में घिरे एडिशनल कमिश्नर संदीप भागिया से बात की गई, तो उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना है कि बैठक में किसी भी तरह की बदसलूकी या गाली-गलौज नहीं हुई थी। डिप्टी कमिश्नर वेदप्रकाश सिंह की तबीयत पहले से ही ठीक नहीं चल रही थी और मीटिंग के दौरान अचानक उनका स्वास्थ्य और ज्यादा बिगड़ गया, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल भिजवाया गया।
भले ही बड़े अधिकारी इस मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हों, लेकिन विभाग के बाकी कर्मचारियों में इस घटना को लेकर भारी नाराजगी है। नाम न छापने की शर्त पर कुछ कर्मचारियों ने बताया कि दफ्तर के अंदर का माहौल काफी समय से तनावपूर्ण बना हुआ है। काम के टारगेट को लेकर अधिकारियों को मानसिक रूप से परेशान किया जाता है, जिसके कारण आज इतना बड़ा हादसा हो गया। फिलहाल इस मामले के सामने आने के बाद पूरे प्रशासनिक अमले में खलबली मची हुई है और उच्च स्तर पर इसकी जाँच की मांग उठ रही है।

