लखनऊ में नकली नोटों के बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़: 14 लाख की फेक करेंसी के साथ 3 तस्कर गिरफ्तार
3:12 PM, Jun 9, 2026
R Express भारत
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मड़ियांव थाना पुलिस ने देश की अर्थव्यवस्था को खोखला करने की एक बड़ी और खतरनाक साजिश को नाकाम कर दिया है। पुलिस ने मड़ियांव थाना क्षेत्र से जाली नोटों की तस

14 लाख की फेक करेंसी के साथ 3 तस्कर गिरफ्तार सौ0 RExpress भारत
लखनऊ।मड़ियांव थाना पुलिस ने देश की अर्थव्यवस्था को खोखला करने की एक बड़ी और खतरनाक साजिश को नाकाम कर दिया है। पुलिस ने मड़ियांव थाना क्षेत्र से जाली नोटों की तस्करी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन मुख्य आरोपियों को दबोचा है। गिरफ्तार किए गए तस्करों के पास से कुल 14 लाख रुपये की नकली भारतीय करेंसी बरामद हुई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पकड़े गए आरोपी बाजार में इन जाली नोटों को खपाकर भारतीय अर्थव्यवस्था को सीधे तौर पर नुकसान पहुंचाने के प्रयास में थे।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस की बड़ी छापेमारी
यह कामयाबी मड़ियांव थाना प्रभारी शिवानंद मिश्रा के कुशल नेतृत्व वाली पुलिस टीम को मिली है। पुलिस को काफी समय से इलाके में नकली नोटों की सप्लाई होने की गुप्त सूचनाएं मिल रही थीं। सटीक मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस टीम ने क्षेत्र में जाल बिछाया और संदिग्धों की घेराबंदी की। घेराबंदी के दौरान पुलिस ने तीन युवकों को हिरासत में लिया, जिनकी तलाशी लेने पर भारी मात्रा में जाली नोट बरामद किए गए। बरामद किए गए नोटों की गड्डियों में 500 रुपये और 100 रुपये के नकली नोट शामिल हैं, जिन्हें बेहद बारीकी से तैयार किया गया था ताकि आम लोगों को आसानी से धोखा दिया जा सके।
डिसिपि नॉर्थ गोपाल कृष्ण चौधरी ने एक हाई-प्रोफाइल प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन कर इस पूरे मामले का आधिकारिक खुलासा किया। पुलिस पूछताछ और जांच के बाद गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान आलोक सिंह,सोनू गौड़ और बृजेश विश्वकर्मा रूप में हुई हैं।प्रेसवार्ता के दौरान डीसीपी नॉर्थ ने बताया कि, यह गिरोह काफी समय से सक्रिय था और ग्रामीण व भीड़भाड़ वाले बाजारों को अपना निशाना बनाता था, जहां नोटों की जांच की संभावना बेहद कम होती है।
गिरोह के नेटवर्क को खंगालने में जुटी पुलिस
पुलिस अब इस गिरोह के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की गहराई से जांच कर रही है। पकड़े गए आरोपियों से कड़ी पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन नकली नोटों की छपाई कहां हो रही थी और इस गिरोह के मुख्य सरगना कौन हैं। पुलिस को अंदेशा है कि इस रैकेट के तार अन्य राज्यों या सीमा पार के तस्करों से भी जुड़े हो सकते हैं। मड़ियांव पुलिस टीम गिरोह में शामिल अन्य फरार सदस्यों की धरपकड़ के लिए लगातार दबिश दे रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस रैकेट से जुड़े कुछ और बड़े चेहरों को बेनकाब किया जाएगा।

