गोरखपुर में भाजपा का महामार्च: नितिन नवीन और सीएम योगी ने संभाली कमान
1:32 PM, Nov 4, 2026
R Express भारत
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गोरखपुर में आज राजनीतिक हलचल अपने चरम पर पहुंच गई। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 4 नवंबर को, गोरखपुर की सड़कों पर 'लोकतंत्र बचाओ, अ

photo by - ( AI )
उत्तर प्रदेश। गोरखपुर में आज राजनीतिक हलचल अपने चरम पर पहुंच गई। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 4 नवंबर को, गोरखपुर की सड़कों पर 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के तहत एक विशाल मार्च का नेतृत्व किया। उनके इस दो दिवसीय संगठनात्मक दौरे को आगामी चुनावों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
इस पैदल मार्च में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत कई दिग्गज नेता और स्थानीय सांसद रवि किशन भी शामिल हुए।
शहर के मुख्य रास्तों से गुजरा हुजूम
यह मार्च दोपहर करीब 12:10 बजे शहर के मशहूर महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज से शुरू हुआ। लगभग 2 किलोमीटर लंबे इस रूट पर चारों तरफ भगवा झंडे और कार्यकर्ताओं का भारी हुजूम दिखाई दिया। ढोल-नगाड़ों और गगनभेदी नारों के बीच यह रैली गोलघर स्थित सरदार पटेल की प्रतिमा के पास बने माता काली मंदिर पर जाकर पूरी हुई। रास्ते में जगह-जगह स्थानीय व्यापारिक संगठनों और आम लोगों ने फूलों की बारिश कर नेताओं का स्वागत किया।
विपक्ष के 'नैरेटिव' पर सीधा हमला
भाजपा के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, इस देशव्यापी अभियान की शुरुआत विपक्ष (खासकर 'इंडिया' गठबंधन) के उस प्रचार का जवाब देने के लिए की गई है, जिसमें संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाए जा रहे हैं। भाजपा का आरोप है कि विपक्ष हार की हताशा में देश में अराजकता और भ्रम का माहौल पैदा कर रहा है। गोरखपुर से पहले नितिन नवीन दिल्ली, बिहार, हरियाणा और पश्चिम बंगाल में भी इसी तरह के मार्च निकाल चुके हैं।
बैठकों का दौर और चुनावी रोडमैप
पदयात्रा खत्म होने के बाद राजनीतिक मुलाकातों का सिलसिला शुरू हुआ। नितिन नवीन ने तारामंडल के एनेक्सी भवन में शहर के प्रबुद्ध वर्ग (डॉक्टरों, वकीलों और व्यापारियों) के साथ संवाद किया। शाम को वे यूपी भाजपा की कोर कमेटी और मौजूदा जनप्रतिनिधियों के साथ बंद कमरे में बैठक करेंगे, जहां आगे की रणनीति पर चर्चा होगी।
दौरे के दूसरे दिन, यानी 5 नवंबर की सुबह, भाजपा अध्यक्ष बाबा गोरखनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे। इसके बाद वे पार्टी के पुराने और अनुभवी पूर्व पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे, ताकि आगामी विधानसभा चुनावों के लिए जमीनी स्तर पर एक मजबूत चुनावी रोडमैप तैयार किया जा सके।


