लखनऊ में बीजेपी की विशाल पदयात्रा शुरू
12:28 PM, Nov 3, 2026
R Express भारत
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लखनऊ में आज एक बड़े राजनैतिक मार्च की शुरुआत के साथ ही हलचल काफी बढ़ गई है। एक विशेष अभियान के तहत आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए द

photo by - ( AI )
उत्तर प्रदेश के मुख्य राजनैतिक केंद्र लखनऊ में आज एक बड़े राजनैतिक मार्च की शुरुआत के साथ ही हलचल काफी बढ़ गई है। एक विशेष अभियान के तहत आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए देश और राज्य के कई बड़े नेता लखनऊ पहुंचे हैं। मुख्य मार्ग पर आयोजित इस पैदल मार्च में भारी संख्या में कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों के जुटने की खबर है।
आयोजकों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस बड़े मार्च का मुख्य उद्देश्य जनता के बीच एक खास संदेश पहुंचाना और विपक्षी दलों की राजनीति का मुकाबला करना है। इस कार्यक्रम की अगुवाई मुख्य रूप से वरिष्ठ नेता शिवराज सिंह चौहान, राज्य के बड़े नेता ब्रजेश पाठक और पार्टी के प्रांतीय मुख्य पदाधिकारी पंकज चौधरी कर रहे हैं। इनके साथ ही संगठन के कई अन्य महत्वपूर्ण चेहरे भी इस मार्च में कदम से कदम मिलाते नजर आए।
लोक भवन से परिवर्तन चौक तक का रूट
यह पैदल मार्च राजधानी के प्रसिद्ध लोक भवन से शुरू हुआ। यहाँ वरिष्ठ नेताओं ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया और उसके बाद यह काफिला हजरतगंज क्षेत्र के परिवर्तन चौक (स्टेडियम मेट्रो स्टेशन) की तरफ आगे बढ़ा। पार्टी सूत्रों का दावा है कि इस पूरे कार्यक्रम के दौरान लगभग 30,000 से लेकर 40,000 लोगों की भीड़ जमा हुई है, जिसके कारण पूरा मार्ग पार्टी के झंडों और नारों से गूंज उठा।
यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव
इतने बड़े पैमाने पर लोगों के जुटने और बड़े नेताओं की मौजूदगी को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। आम जनता को असुविधा से बचाने के लिए शहर के 22 प्रमुख स्थानों पर रास्तों को बदला गया है। हजरतगंज, गोल्फ क्लब चौराहा, 1090 चौराहा, बंदरियाबाग और कैंट की तरफ जाने वाले आम रास्तों पर वाहनों के जाने की मनाही है।
प्रशासन ने वाहन चालकों को वैकल्पिक रास्तों जैसे ग्रीन कॉरिडोर, ताज अंडरपास और पिपराघाट मार्ग का उपयोग करने की सलाह दी है। यह मार्ग बदलाव कार्यक्रम के पूरी तरह समाप्त होने तक लागू रहेगा।
आने वाले दिनों में अन्य शहरों में भी होंगे कार्यक्रम
यह आयोजन केवल लखनऊ तक सीमित नहीं है। आने वाले दो दिनों में राज्य के अलग-अलग हिस्सों में इसी तरह के बड़े मार्च निकाले जाएंगे। तय योजना के अनुसार, कल यानी 4 नवंबर को गोरखपुर और प्रयागराज जैसे प्रमुख शहरों में ऐसे ही बड़े पैदल मार्च आयोजित किए जाएंगे, जबकि 5 नवंबर को गाजियाबाद और कानपुर में बड़े नेता इस अभियान की कमान संभालेंगे। इस पूरे कदम को आगामी राजनैतिक तैयारियों और संगठन को निचले स्तर पर मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।


