BKT जाम: बार-बार शिकायत के बाद भी सोया प्रशासन, जनता त्रस्त!
5:18 PM, Sep 18, 2026
R Express भारत
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लखनऊ के बख्शी का तालाब में चंद्रिका देवी मोड़ से लेकर प्रसिद्ध चंद्रिका देवी मंदिर की तरफ जाने वाला पूरा रास्ता आम जनता और राहगीरों के लिए आफत का सबब बन चु

बीकेटी में नरक बना चंद्रिका देवी रोड फोटो सौ0 RExpress भारत
लखनऊ के बख्शी का तालाब में चंद्रिका देवी मोड़ से लेकर प्रसिद्ध चंद्रिका देवी मंदिर की तरफ जाने वाला पूरा रास्ता आम जनता और राहगीरों के लिए आफत का सबब बन चुका है। आलम यह है कि इस रूट पर चौबीसों घंटे गाड़ियों के पहिए थमे रहते हैं। लोग ऑफिस, स्कूल और जरूरी काम के लिए निकलते हैं, लेकिन इस रास्ते पर आकर उनका घंटों समय सिर्फ धुएं और चीख-पुकार के बीच बर्बाद हो जाता है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने इस दर्दनाक स्थिति को लेकर हर छोटे-बड़े स्तर पर आवाज उठाई, शिकायतें कीं, लेकिन नतीजा सिफर रहा। प्रशासन की आंखें इस बदहाली को देखने के बाद भी बंद हैं।
गड्ढे, गंदगी और पानी: जाम का असली 'विलेन'
इस रोड पर सिर्फ गाड़ियों का दबाव ही जाम की वजह नहीं है, बल्कि यहाँ की खस्ताहाल व्यवस्था सबसे बड़ी विलेन है। चंद्रिका देवी मोड़ चौराहे के पास की सड़क पूरी तरह से टूट चुकी है। नालियों की सफाई न होने की वजह से सीवर का गंदा और बदबूदार पानी चौबीसों घंटे सड़क पर बहता रहता है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं, जिनमें यह गंदा पानी भरा रहता है।
जब कोई गाड़ी यहाँ से गुजरती है, तो गड्ढे का अंदाजा न मिलने के कारण वह फंस जाती है। इसके बाद पीछे वाहनों की लंबी कतार लगनी शुरू हो जाती है। कई बार तो स्थिति इतनी बदतर हो जाती है कि फंसे हुए भारी वाहनों को निकालने के लिए ट्रैक्टर या क्रेन बुलानी पड़ती है। तब तक पूरा ट्रैफिक सिस्टम पूरी तरह ठप हो जाता है।
दुकानदार, ई-रिक्शा और रेंगती जिंदगी
इस पूरे मार्ग पर अव्यवस्था का राज है। सड़क के दोनों किनारों पर फल और सब्जी मंडी के दुकानदारों ने अवैध तरीके से कब्जा कर रखा है, जिससे चौड़ी सड़क बेहद संकरी गली जैसी दिखने लगती है। इसके ऊपर से चंद्रिका देवी मोड़ पर बैटरी वाले ऑटो और ई-रिक्शा चालकों की मनमानी आग में घी का काम करती है। जहाँ मन आया, वहाँ ई-रिक्शा बीच सड़क पर खड़ा कर सवारी बिठाई जाती है। कोई रोकने-टोकने वाला ट्रैफिक पुलिसकर्मी यहाँ नजर नहीं आता।
इस अव्यवस्था के कारण न सिर्फ कामकाजी लोग और व्यापारी परेशान हैं, बल्कि दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालु भी त्रस्त हैं। प्रसिद्ध मां चंद्रिका देवी के दर्शन के लिए हर हफ्ते हजारों भक्त इस रास्ते से गुजरते हैं, लेकिन इस नरक जैसे जाम को देखकर वे व्यवस्था को कोसते हुए आगे बढ़ते हैं।
हादसों का डर और जनता का टूटता सब्र
गड्ढों और जलभराव के कारण आए दिन यहाँ दोपहिया वाहन चालक फिसलकर गिर रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है। स्थानीय सामाजिक संगठनों और युवाओं ने कई बार इस मुद्दे को लेकर विरोध जताया है। हाल ही में लोगों ने मिलकर संबंधित अधिकारियों को इस समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए एक मांग पत्र भी सौंपा, जिसमें यहाँ एक ओवरब्रिज बनाने और पानी की निकासी ठीक करने की बात कही गई थी। लेकिन फाइलों में दबे इन कागजों पर जमीनी स्तर पर कोई काम होता नहीं दिख रहा।
जनता का साफ कहना है कि, अगर जल्द ही चंद्रिका देवी रोड को इस जाम और गंदगी से मुक्ति नहीं मिली, तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अब देखना यह है कि कुंभकर्णी नींद में सोया सिस्टम कब जागता है और इस रास्ते से गुजरने वाले हजारों लोगों को कब राहत मिलती है।

