UP में खूनी खेल: भूत-प्रेत के चक्कर में 4 मर्डर, बच्चों को बंधक बनाने वाला आरोपी ढेर
12:51 PM, Sep 24, 2026
R Express भारत
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आजमगढ़ से एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया है। अहरौला इलाके के शंभूपुर गांव में एक सिरफिरे शख्स ने अपने ही घ

sketch by - (AI )
उत्तर प्रदेश। आजमगढ़ से एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया है। अहरौला इलाके के शंभूपुर गांव में एक सिरफिरे शख्स ने अपने ही घर में चल रही पूजा के दौरान अंधाधुंध गोलियां चला दीं। इस खूनी खेल में उसकी पत्नी, दो पुजारियों और उसके 8 साल के मासूम बेटे की जान चली गई। इसके बाद बच्चों को बंधक बनाकर कमरे में छिपे आरोपी को पुलिस ने 8 घंटे लंबे चले एक एनकाउंटर में मार गिराया।
तंत्र-मंत्र के शक में बुलाई थी पूजा
गांव के लोगों के मुताबिक, आरोपी 42 वर्षीय अरविंद सिंह की मानसिक स्थिति पिछले कुछ दिनों से ठीक नहीं थी। घरवालों को शक था कि उस पर किसी ऊपरी हवा या भूत-प्रेत का साया है। इसी वजह से परिवार ने घर में शांति के लिए महामृत्युंजय जाप और विशेष पूजा रखवाई थी। अरविंद इस पूजा के बिल्कुल खिलाफ था। मंगलवार की शाम जब वह घर लौटा और पुजारियों को मंत्र पढ़ते देखा, तो वह आगबबूला हो गया।
आधार कार्ड मांगने के बहाने शुरू हुआ विवाद
घर में घुसते ही अरविंद ने दोनों पुजारियों से बेहद अजीब फरमाइश की। उसने चिल्लाते हुए उनसे उनका आधार कार्ड दिखाने को कहा। जब पुजारियों और घरवालों ने उसे समझाने की कोशिश की, तो विवाद बढ़ गया। गुस्से में पागल हो चुके अरविंद ने अपनी लाइसेंसी पिस्तौल निकाली और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से उसकी पत्नी बबीता और दोनों पुजारियों (महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा) की मौके पर ही मौत हो गई।
इस तिहरे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद अरविंद अपने तीन बच्चों को गनपॉइंट पर लेकर एक कमरे में बंद हो गया। घटना की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। भारी पुलिस बल के साथ एटीएस और एसओजी की टीमों ने पूरे घर को घेर लिया। पुलिस अधिकारी लाउडस्पीकर से करीब 7 घंटे तक अरविंद को सरेंडर करने के लिए मनाते रहे, लेकिन वह नहीं माना।
मासूम बेटे को भी मारी गोली, फिर हुआ एनकाउंटर
देर रात अचानक कमरे के अंदर से फिर गोली चलने की आवाज आई। सनकी अरविंद ने अपने ही 8 साल के बेटे को गोली मार दी थी। बच्चों की जान खतरे में देख पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया। टीम ने आंसू गैस के गोले और स्टन ग्रेनेड फेंककर कमरे का दरवाजा तोड़ा। खुद को घिरा देख अरविंद ने पुलिस पर भी फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोलियों से अरविंद गंभीर रूप से जख्मी हो गया, जिसने बाद में अस्पताल में दम तोड़ दिया। पुलिस ने उसकी दो बेटियों को सुरक्षित बचा लिया है, जबकि बेटे ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इलाके में अभी भी भारी तनाव का माहौल है।

