कानपुर में चला बुलडोजर: करोड़ों की सरकारी जमीन से हटाया अवैध कब्जा, भारी पुलिस बल रहा मुस्तैद
4:50 PM, Sep 19, 2026
R Express भारत
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कानपुर में शनिवार सुबह-सुबह अवैध कब्जेदारों पर प्रशासन का बड़ा डंडा चला है। कानपुर विकास प्राधिकरण और जिला प्रशासन की टीम ने भारी पुलिस बल के साथ मिलकर बर्

sketch by - ( AI )
उत्तर प्रदेश। कानपुर में शनिवार सुबह-सुबह अवैध कब्जेदारों पर प्रशासन का बड़ा डंडा चला है। कानपुर विकास प्राधिकरण और जिला प्रशासन की टीम ने भारी पुलिस बल के साथ मिलकर बर्रा-6 इलाके में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। यहाँ करोड़ों रुपये की कीमती सरकारी जमीन पर किए गए पक्के अवैध निर्माण को बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया गया।
हाईकोर्ट से झटका लगते ही एक्शन में आई टीम
जानकारी के मुताबिक, बर्रा-6 (ग्राम बरी) में आराजी संख्या 314 की करीब 500 वर्गमीटर सरकारी जमीन पर लंबे समय से अवैध कब्जा चल रहा था। इस जमीन के एक हिस्से पर मुस्लिम कब्रिस्तान की बाउंड्री वॉल और कुछ पक्के कमरे बना दिए गए थे। इस निर्माण को बचाने के लिए मुस्लिम कब्रिस्तान कमेटी ने हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था। हालांकि, अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद कमेटी की याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया। कोर्ट से हरी झंडी मिलते ही केडीए की टीम एक्शन मोड में आ गई।
सुबह 5 बजे ही गूंज उठी बुलडोजर की गरज़
किसी भी तरह के विरोध या हंगामे की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने इस पूरे ऑपरेशन को बेहद गोपनीय रखा। शनिवार सुबह करीब 5 से 6 बजे के बीच, जब लोग सोकर उठ ही रहे थे, केडीए के अधिकारी भारी पुलिस, पीएसी और महिला पुलिस बल के साथ मौके पर धमक पड़े। अचानक हुई इस घेराबंदी से कब्जा करने वालों को विरोध का मौका ही नहीं मिला। इसके बाद केडीए के बुलडोजर ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए वहां बने पक्के कमरों और अवैध बाउंड्री वॉल को ढहाना शुरू कर दिया। कुछ ही घंटों में पूरी जमीन को मलबे में तब्दील कर साफ कर दिया गया।
अधिकारियों ने क्या कहा?
इस पूरे मामले पर केडीए के बड़े अधिकारी सत्य शुक्ला ने बताया कि, सरकारी रिकॉर्ड की बारीकी से जांच करने के बाद ही यह कदम उठाया गया है। जांच में साफ हुआ था कि कब्रिस्तान का एक हिस्सा सरकारी जमीन को घेरकर बनाया गया था। प्रशासन ने दूसरे पक्ष को अपनी बात रखने और दस्तावेज़ दिखाने का पूरा समय दिया था। जब वे जमीन पर अपना मालिकाना हक साबित नहीं कर पाए और कोर्ट से भी उनकी अर्जी खारिज हो गई, तब नियम के मुताबिक इस अवैध निर्माण को हटाने का फैसला लिया गया।
इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं केडीए ने साफ चेतावनी दी है कि शहर में सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

